टीपीएफ का 17वां स्थापना दिवस समारोह संपन्न, 250 से अधिक श्रद्धालुओं की रही सहभागिता

चेन्नई, 14 जून। तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (टीपीएफ) का 17वां स्थापना दिवस समारोह रविवार को श्री ए.एम.के.एम. जैन मेमोरियल सेंटर, पुरूषवाक्कम में मुनिश्री डॉ. पुलकितकुमारजी ठाणा-2 के पावन सान्निध्य में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया गया। “स्ट्रांग रूट, स्ट्रांग फ्यूचर – वे ऑफ लाइफ” (सुदृढ़ संस्कार, सशक्त भविष्य–उत्तम जीवन शैली) विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में 250 से अधिक श्रद्धालुओं एवं समाजजनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के मंगल उच्चारण से हुआ। प्रज्ञाजी आच्छा के नेतृत्व में टीपीएफ गीत का सामूहिक गायन किया गया तथा टीपीएफ चेन्नई की अध्यक्षा प्रमीलाजी गोलेच्छा ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। डॉ. संगीताजी बैद ने टीपीएफ के राष्ट्रीय कार्यक्रम “इनर इंजीनियरिंग फॉर एआई–आध्यात्मिक इंटेलिजेंस” की सफलता की जानकारी देते हुए बताया कि देशभर से 800 से अधिक प्रतिभागियों ने इस पाठ्यक्रम का लाभ प्राप्त किया है।
मुख्य वक्ता मद्रास विश्वविद्यालय के जैनोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियदर्शना जैन ने जैन जीवन शैली को सुदृढ़ जड़ों का आधार बताते हुए वैज्ञानिक एवं तार्किक दृष्टिकोण से सशक्त भविष्य निर्माण पर प्रकाश डाला। उनके विचारों की उपस्थित जनसमूह एवं संतों ने सराहना की। इस अवसर पर मुमुक्षु बहन सुमनजी बैद का अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न संघीय संस्थाओं ने उनका सम्मान किया।
अपने प्रेरक उद्बोधन में मुनिश्री डॉ. पुलकितकुमारजी ने परिस्थितियों को स्वीकार कर चिंतनपूर्वक जीवन जीने की प्रेरणा दी तथा मुमुक्षु बहन सुमनजी के जीवन को त्याग, जिम्मेदारी और संयम का प्रेरक उदाहरण बताया। मुनिश्री आदित्यकुमारजी ने कहा कि किसी भी कार्य से पूर्व विचार करने की आदत व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। कार्यक्रम का संचालन टीपीएफ चेन्नई के पूर्वाध्यक्ष प्रसन्नजी बोथरा ने किया तथा मंत्री गौरवजी सुराना ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मंगलपाठ के साथ समारोह का समापन हुआ।




