सूरत में टेक्निकल टेक्सटाइल और हाई वैल्यू-एडेड उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा: कमल विजय तुलस्यान

सूरत। गुजरात सरकार की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026 का स्वागत करते हुए पांडेसरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल विजय तुलस्यान ने इसे सूरत और दक्षिण गुजरात के औद्योगिक विकास के लिए एक दूरदर्शी और उद्योग-अनुकूल पहल बताया है। उन्होंने कहा कि इस नीति से विशेष रूप से सूरत के टेक्सटाइल उद्योग को नई दिशा, गति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी।
तुलस्यान ने बताया कि राज्य सरकार ने पारंपरिक उद्योगों के साथ भविष्य आधारित और उच्च मूल्य संवर्धित क्षेत्रों को भी “थ्रस्ट सेक्टर” में शामिल किया है। नई नीति में टेक्निकल टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, हाई वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल उत्पादों तथा आधुनिक विनिर्माण तकनीकों को प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर दिया गया है। इससे उद्योगों को वैल्यू एडिशन बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पूंजी सब्सिडी को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत तथा ब्याज सब्सिडी को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किए जाने का प्रावधान उद्योगों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा। वहीं, बिजली सब्सिडी को 1 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 2 रुपये प्रति यूनिट करना उत्पादन लागत कम करने और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
तुलस्यान के अनुसार, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन, आधुनिक मशीनरी, ऑटोमेशन और निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न सहायता योजनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही टेक्सटाइल वेस्ट रीसाइक्लिंग यूनिट्स को प्राथमिकता देकर उद्योग को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026 सूरत के टेक्सटाइल उद्योग में निवेश, रोजगार और निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



