
सूरत। श्री उमरा जैन संघ में 423 वर्षीतप आराधना पूर्ण करने वाले तपस्वियों की अनुमोदना एवं धर्मभावना के उत्सव स्वरूप प्रभु भक्ति से ओतप्रोत श्री भक्तामर पूजन का भव्य आयोजन किया गया। लगभग 13 माह तक चले अत्यंत कठोर एवं उग्र तप की साधना करने वाले 423 तपस्वियों ने इस विशेष पूजन का लाभ लेकर आध्यात्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
यह धार्मिक आयोजन पूज्य आचार्य भगवंत कुलचंद्र सूरीश्वरजी महाराज, पूर्णचंद्र सागर सूरीश्वरजी महाराज तथा रश्मिराज सूरीश्वरजी महाराज आदि गुरुभगवंतों की पावन निश्रा में सम्पन्न हुआ। साधु-साध्वी भगवंतों के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थित रहकर तपस्वियों की साधना की अनुमोदना की।
संघ द्वारा आयोजित तपराधना पारणा महोत्सव उत्साहपूर्वक प्रारंभ हो चुका है। अक्षय तृतीया के पावन दिवस पर सभी वर्षीतप तपस्वियों का पारणा समारोह सरसाणा में धार्मिक विधि-विधान एवं भक्ति भाव के साथ सम्पन्न किया जाएगा।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और वातावरण नवकार मंत्र तथा भक्तामर स्तोत्र की मंगलध्वनि से गुंजायमान रहा। आयोजकों ने इसे तप, त्याग और आध्यात्मिक साधना का अद्वितीय पर्व बताया।




