
सूरत। सारोली पुलिस ने कपड़ा व्यापारियों से विश्वास में लेकर माल खरीदने के बाद भुगतान नहीं कर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 एवं 114 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शिकायतकर्ता शैलेषभाई मधुभाई तलाविया, जो लसकाणा स्थित मारुति इंडस्ट्रीज-2 में “धारा टेक्सटाइल्स” नाम से ग्रे कपड़े का निर्माण एवं होलसेल व्यापार करते हैं, से आरोपियों ने संपर्क कर व्यापार शुरू किया था। आरोपी प्रियांका नीरज गर्ग (प्रोपराइटर, कोमल टेक्सटाइल्स), नीरज गर्ग (व्यवस्थापक, कोमल टेक्सटाइल्स) तथा दलाल मुकेशकुमार मनोहरलाल गुप्ता ने आपसी मिलीभगत से मीठी बातों और भरोसा कायम कर शुरुआत में समय पर भुगतान किया, जिससे व्यापारी का विश्वास जीत लिया।
इसके बाद आरोपियों ने 5 अप्रैल 2023 से अलग-अलग बिलों के माध्यम से कुल 4,21,200 रुपये का ग्रे कपड़ा मंगवाया, जिसमें से केवल 21,200 रुपये का भुगतान किया गया और शेष 4 लाख रुपये आज तक नहीं चुकाए। बार-बार आश्वासन देने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तथा बाद में शिकायतकर्ता के फोन उठाना भी बंद कर दिया गया। स्वयं के साथ धोखाधड़ी होने पर व्यापारी ने सारोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस इंस्पेक्टर एस.आर. वेकरिया के मार्गदर्शन में सर्विलांस पीएसआई एच.एल. देसाई एवं पुलिस स्टाफ ने तकनीकी जांच और ह्यूमन सोर्सेस की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद एएसआई मितलबेन पंकजकुमार, हेड कांस्टेबल जीतुभाई वेलजीभाई, भरतभाई नाजाभाई तथा पुलिस कॉन्स्टेबल नीरवभाई रायमलभाई की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर तीनों आरोपियों को सूरत शहर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में नीरजकुमार प्रयागराज गर्ग (44), प्रियांका नीरज गर्ग (38) तथा दलाल मुकेशकुमार मनोहरलाल गुप्ता (50) शामिल हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी दलालों के माध्यम से व्यापारियों से पहचान बढ़ाकर प्रारंभ में समय पर भुगतान कर विश्वास जीतते थे और बाद में बड़ी मात्रा में कपड़ा खरीदकर भुगतान किए बिना फरार हो जाते थे।
सारोली पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ जारी है तथा इस प्रकार की अन्य ठगी के मामलों की भी जांच की जा रही है।



