
अहमदाबाद। गुजरात में आगामी स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवार चयन प्रक्रिया तेज कर दी है। गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्री निवास पर प्रदेश पार्लामेंटरी बोर्ड की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, संगठन महामंत्री रत्नाकर और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सी.आर. पाटिल विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में मौजूद रहे। बैठक में अहमदाबाद महानगर को छोड़कर उत्तर गुजरात और दक्षिण गुजरात के सभी जिलों के निरीक्षकों द्वारा प्रस्तुत बायोडाटा पर चर्चा-मंथन किया गया, जबकि अहमदाबाद सहित महानगरों के उम्मीदवारों पर 9 अप्रैल को चर्चा होने की संभावना है।
भाजपा इस बार उम्मीदवार चयन में कुछ नए प्रयोग करने जा रही है। सूत्रों के अनुसार 60 वर्ष से अधिक आयु वाले नेताओं, लगातार तीन टर्म पूरे कर चुके जनप्रतिनिधियों और परिवारवाद को बढ़ावा देने वाले उम्मीदवारों को टिकट नहीं देने की नीति को आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि, संगठन के ऐसे पदाधिकारियों के लिए अपवाद रखा गया है जिन्होंने पहले चुनाव नहीं लड़ा है। साथ ही, जिन वर्तमान कॉर्पोरेटरों का प्रदर्शन अच्छा रहा है, उन्हें टिकट देने पर भी विचार किया जा सकता है। कांग्रेस और अन्य दलों से भाजपा में शामिल हुए नेताओं को भी स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक समीकरण के आधार पर मौका दिया जा सकता है।
भाजपा इस चुनाव को “मिनी विधानसभा” के रूप में देखते हुए युवा, शिक्षित और महिला उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी लगभग 50 प्रतिशत से अधिक युवा उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है, ताकि जिला, तालुका, पालिका और महानगर स्तर पर नई नेतृत्व पीढ़ी तैयार की जा सके।
राज्य की 15 महानगर पालिकाओं, 84 नगर पालिकाओं, 260 तालुका पंचायतों और 34 जिला पंचायतों की करीब 10 हजार सीटों के लिए 26 अप्रैल को एक साथ मतदान होगा। इसके लिए भाजपा ने पिछले सप्ताह निरीक्षकों के माध्यम से सेंंस प्रक्रिया पूरी कर करीब 50 हजार से अधिक बायोडाटा एकत्र किए थे, जिन्हें शॉर्टलिस्ट कर पार्लामेंटरी बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया गया।
मंगलवार को दक्षिण गुजरात और उत्तर गुजरात के जिलों पर चर्चा हुई, जबकि बुधवार को कच्छ-सौराष्ट्र और मध्य गुजरात के जिलों पर मंथन किया जाएगा। अहमदाबाद महानगर की 192 सीटों को लेकर अलग रणनीति बनाई जा रही है और अंतिम निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के परामर्श के बाद लिया जा सकता है। भाजपा की पहली सूची 8 अप्रैल से जारी होने की संभावना है, जबकि शेष उम्मीदवारों के नाम गुरुवार तक घोषित किए जा सकते हैं।



