
नई दिल्ली। आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए सभी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म जारी कर दिए हैं। छोटे और मध्यम करदाताओं के लिए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म 30 मार्च को जारी किए गए थे, जबकि मंगलवार को ITR-2, ITR-3, ITR-5, ITR-6, ITR-7 तथा अपडेटेड रिटर्न के लिए ITR-U फॉर्म भी अधिसूचित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही करदाता अब वित्तीय वर्ष 2025-26 की आय के लिए रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।
दो मकानों की आय भी ITR-1 में दिखाने की सुविधा
आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ITR-1 फॉर्म का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब करदाता दो मकान संपत्तियों से होने वाली आय को भी ITR-1 फॉर्म में दर्शा सकेंगे। इससे पहले यह सुविधा केवल एक मकान तक सीमित थी। इस बदलाव से छोटे और मध्यम वर्ग के करदाताओं को रिटर्न भरने में अधिक सुविधा मिलेगी।
31 जुलाई तक रिटर्न भरने की अंतिम तिथि
जिन करदाताओं के खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इस अवधि के भीतर रिटर्न दाखिल करने से करदाता विलंब शुल्क और अन्य दंड से बच सकेंगे।
पुराने और नए दोनों आयकर कानून के तहत सुविधा
आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-फाइलिंग पोर्टल पुराने और नए दोनों आयकर कानूनों के तहत अनुपालन की सुविधा उपलब्ध कराएगा। पूर्व वर्षों के आकलन, अपील और अन्य लंबित प्रक्रियाएं अंतिम निर्णय तक पुराने कानून के तहत ही जारी रहेंगी।
पुराने फॉर्म का ही होगा उपयोग
जुलाई 2026 में आकलन वर्ष 2026-27 के लिए रिटर्न दाखिल करने वाले करदाता पुराने आयकर अधिनियम के तहत निर्धारित फॉर्म का ही उपयोग करेंगे। आयकर विभाग ने करदाताओं को समय पर और सही जानकारी के साथ रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी है।



