
सूरत। सचिन जीआईडीसी में जरी व्यापारी के साथ 1.45 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में गिरफ्तार पिता-पुत्र की जमानत अर्जी को सूरत की अदालत ने खारिज कर दिया। मामले में सरकारी पक्ष और शिकायतकर्ता के वकीलों के विरोध के बाद अदालत ने आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, सचिन जीआईडीसी में शिव शक्ति जरी के नाम से कारोबार करने वाले व्यापारी अमित कापड़िया से आरोपी भरत विठ्ठल फिनाविया और उसके पिता विठ्ठल फिनाविया ने एंजेलिया पॉलीफिल्म्स के नाम पर लेमिनेशन फिल्म और जरी का कुल 1,89,25,552 रुपये का माल मंगवाया था। इसमें से 1,45,04,747 रुपये का भुगतान नहीं कर आरोपियों ने विश्वासघात किया।
बकाया रकम चुकाने के लिए आरोपियों ने व्यापारी को 15 चेक दिए थे, लेकिन सभी चेक बैंक से बाउंस हो गए। इसके बाद जब व्यापारी उधारी की रकम मांगने गया तो आरोपियों ने गाली-गलौज कर धमकी दी और फैक्ट्री बंद कर फरार हो गए।
घटना की शिकायत पर सचिन जीआईडीसी पुलिस ने भरत फिनाविया और उसके पिता विठ्ठल फिनाविया के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस दौरान गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र ने अदालत में जमानत याचिका दायर की थी।
सरकारी वकील तथा मूल शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता हर्षल रावल और दिव्या चौधरी ने जमानत का कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सूरत कोर्ट ने आरोपी पिता-पुत्र की जमानत अर्जी खारिज कर दी।



