
जोधपुर। औषधि व्यापार और जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर आगामी 20 मई को जोधपुर सहित राजस्थानभर की दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। यह राष्ट्रव्यापी बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर की करीब 12.60 लाख दवा दुकानें शामिल होंगी।
संगठन के अध्यक्ष अरुण धारीवाल एवं हरीश दरियानी ने बताया कि अनियमित ई-फार्मेसी के संचालन से बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाओं की बिक्री और नशीली दवाओं की आसान उपलब्धता जैसे गंभीर खतरे बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी कंपनियां भारी छूट और शोषणकारी मूल्य निर्धारण के जरिए छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं को बाजार से खत्म करने का प्रयास कर रही हैं, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका संकट में पड़ गई है।
केमिस्ट संगठनों ने सरकार से मांग की है कि अवैध ई-फार्मेसी संचालन पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए तथा केंद्र सरकार की अधिसूचना जी.एस.आर. 817 (ई) और जी.एस.आर. 220 (ई) को तुरंत वापस लिया जाए। साथ ही प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को दवा लाइसेंस देने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने और दवा बाजार में निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
जोधपुर जिले के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित केमिस्टों ने इस बंद का पूर्ण समर्थन किया है। पदाधिकारियों का कहना है कि यह केवल व्यापारिक हितों की लड़ाई नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और दवा विक्रेताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का आंदोलन है।RCA सचिव धनपत सेठिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते उचित हस्तक्षेप नहीं किया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।




