
सूरत। शहर के सरथाणा क्षेत्र के एक व्यापारी के साथ कॉपर स्क्रैप खरीद-फरोख्त के नाम पर 7.09 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि गुजरात के दलाल के माध्यम से संपर्क में आए उत्तरप्रदेश और जिम्बाब्वे के व्यापारियों ने सौदा तय कर नकद रकम लेने के बाद कंटेनर में भरा माल बदल दिया और उसमें पत्थर व धूल भरकर विदेश भेज दिया। मामले में वराछा पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अमरेली जिले के सावरकुंडला तहसील के मेसडी गांव मूल निवासी तथा वर्तमान में सरथाणा जकातनाका स्थित रिवर पैलेस अपार्टमेंट में रहने वाले प्रकाशकुमार भीखाभाई काथीरिया वराछा न्यू बॉम्बे मार्केट के पास मधुर कॉर्पोरेशन नाम से कार्यालय संचालित करते हैं। जून 2025 में गांधीधाम निवासी स्क्रैप दलाल रोहित वीरेंद्रसिंह यादव उनकी ऑफिस में मिला और बड़े पैमाने पर कॉपर स्क्रैप व्यापार का प्रस्ताव रखा।
रोहित यादव ने अपने साथियों दीपक महेंद्रभाई मोड, कृणाल दीपकभाई मोड (दोनों वर्तमान निवासी हरारे, जिम्बाब्वे) तथा फरहान मिर्जा (मुरादाबाद, उत्तरप्रदेश) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्क्रैप व्यापार करने वाला बताकर विश्वास में लिया। बाद में दुबई में बैठक आयोजित कर 100 टन कॉपर स्क्रैप खरीदने का सौदा तय किया गया, जिसमें प्रकाश काथीरिया ने आरोपियों को 7.09 करोड़ रुपये नकद भुगतान कर दिया।
आरोप है कि रकम प्राप्त करने के बाद आरोपियों ने साजिश रचते हुए कंटेनर में भरा असली कॉपर स्क्रैप निकालकर उसकी जगह पत्थर और धूल भर दी तथा ट्रांसपोर्ट के माध्यम से कंटेनर मुंद्रा पोर्ट और अबूधाबी-दुबई भेज दिया। जब व्यापारी को धोखाधड़ी का पता चला और उसने संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
घटना के बाद व्यापारी की पत्नी गीताबेन काथीरिया ने वराछा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने 7.09 करोड़ रुपये की ठगी का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस पूरे प्रकरण में आर्थिक लेनदेन, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और कंटेनर मूवमेंट की जांच कर रही है।



