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पांच जिलों के क्राइम रेट की समीक्षा: लंबित मामलों को जल्द सुलझाने का डीजीपी का सख्त निर्देश

सूरत। गुजरात राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. के.एल.एन. राव की अध्यक्षता में रविवार को सूरत में रीजनल क्राइम कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। बैठक में सूरत शहर, सूरत ग्रामीण तथा रेंज के अन्य जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ जनवरी-फरवरी माह के अपराध आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान डीजीपी ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में ड्रग्स माफिया के खिलाफ सख्त अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया। डीजीपी ने नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए तीन साल का मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। इसके तहत ड्रग्स के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर वहां पुलिस की विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा एंटी नारकोटिक्स फोर्स की मदद से इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की रणनीति बनाई गई है।
सायबर अपराधों को लेकर भी पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि सूरत पुलिस अब तक साइबर ठगी के मामलों में करीब 60 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाने में सफल रही है। आगे साइबर अपराध के करीब 18 प्रकारों से निपटने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा रीजनल साइबर एक्सीलेंस को बढ़ावा दिया जाएगा।
डीजीपी ने रिढ़े अपराधियों, बूटलेगरों और अवैध कारोबार में लिप्त तत्वों के खिलाफ गुजसीटोक जैसे कठोर कानूनों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही एलपीजी गैस की कालाबाजारी और साठगांठ के मामलों में गैस एजेंसियों की जांच कर दोषियों को जेल भेजने की बात कही।
बैठक में स्मार्ट पुलिसिंग पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि पहले जहां पीसीआर वैन को घटना स्थल तक पहुंचने में करीब 20 मिनट लगते थे, वहीं अब यह समय घटाकर लगभग 10 मिनट कर दिया गया है। इसके अलावा पुलिस की फिटनेस जांच और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए आधुनिक एप्लिकेशन भी शुरू की जाएगी।
महिला और बाल सुरक्षा को लेकर डीजीपी ने विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए और कहा कि ऐसे मामलों की जांच तेजी से कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। पुलिस बल को और मजबूत बनाने के लिए निकट भविष्य में करीब तीन हजार नए जवानों की भर्ती भी की जाएगी।
डीजीपी डॉ. के.एल.एन. राव ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “गुंडा तत्वों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। साइबर क्राइम और ड्रग्स के खिलाफ अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा।”

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