
आयकर विभाग ने करदाताओं को राहत देते हुए बड़ा बदलाव किया है। अब तक एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) के ब्याज पर टीडीएस कटौती से बचने के लिए अलग-अलग फॉर्म 15G और फॉर्म 15H भरने पड़ते थे, लेकिन अब इन दोनों फॉर्म को समाप्त कर दिया गया है। उनकी जगह अब नया फॉर्म नंबर 121 लागू किया जाएगा। यह नया नियम 1 अप्रैल से लागू होगा।
बैंक में जमा एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर आमतौर पर टीडीएस काटा जाता है। ऐसे करदाता जो आयकर रिटर्न नहीं भरते हैं, वे टीडीएस कटौती से बचने के लिए पहले फॉर्म 15G भरते थे, जबकि सीनियर सिटीज़न के लिए फॉर्म 15H भरने का प्रावधान था।
अब आयकर विभाग ने प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इन दोनों फॉर्म को मिलाकर एक ही फॉर्म 121 जारी करने का फैसला किया है। इस नए फॉर्म में करदाता को अपना नाम, पता, पैन कार्ड नंबर, ई-मेल, मोबाइल नंबर सहित सभी आवश्यक जानकारी देनी होगी। साथ ही यह भी बताना होगा कि वह सीनियर सिटीज़न है या नहीं।
टैक्स कंसल्टेंट नारायण शर्मा के अनुसार, करदाता को फॉर्म 121 भरने के बाद अपनी सभी बैंकों में जमा एफडी के लिए यह फॉर्म जमा करना होगा। इसके बाद ही बैंक एफडी के ब्याज पर टीडीएस नहीं काटेगी। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले पूरी करना जरूरी होगा।इस बदलाव से करदाताओं को अलग-अलग फॉर्म भरने की परेशानी से राहत मिलेगी और टीडीएस रिफंड लेने की झंझट भी कम होने की उम्मीद है।



