
सूरत।जैकॉर्ड और शिफली सेगमेंट के समग्र विकास में एक नई तकनीकी क्रांति लाने जा रही है सीटमे एग्ज़ीबिशन, जहां एंब्रॉयडरी उद्योग से जुड़ी कई अत्याधुनिक मशीनें और डिवाइस पहली बार प्रस्तुत की जाएंगी। खासतौर पर परंपरागत जरीदोज़ी (जरदोज़ी) हेंडवर्क को अब मशीन के माध्यम से संभव बनाने वाली तकनीक इस एग्ज़ीबिशन का मुख्य आकर्षण होगी।
सीटमे एग्ज़ीबिशन में सिंगल हेड एंब्रॉयडरी मशीन पर माया जरदोज़ी डिवाइस के साथ लाइव डेमो प्रस्तुत किया जाएगा। यह डेमो भारत में पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाया जा रहा है। इस नई तकनीक के माध्यम से वर्षों से हाथ से किए जाने वाले परंपरागत जरदोज़ी हेंडवर्क को अब पूरी तरह मशीन आधारित बनाया जा सकेगा, जिससे उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि होगी और लागत में भी कमी आएगी।
इस डिवाइस की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह डिजाइन की आवश्यकता के अनुसार 4 मिमी से लेकर 11 मिमी तक जरदोज़ी का ऑटो कटिंग करती है। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटिक है, जिससे मैनुअल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं रहती। यह तकनीक फिलहाल देश के किसी अन्य हिस्से में उपलब्ध नहीं है और पहली बार सूरत में बायर्स एवं उद्योग जगत के लिए प्रदर्शित की जा रही है।
इसके साथ ही एंब्रॉयडरी बीड्स मशीनरी के लिए एक और बड़ी सौगात के रूप में बीड्स नायलॉन तार को भी पहली बार लॉन्च किया जाएगा। यह विशेष रूप से एंब्रॉयडरी बीड्स मशीनरी के लिए डिजाइन किया गया है। इस नायलॉन तार की खासियत यह है कि 85,000 मीटर की लंबाई में एक भी सिंगल नॉट नहीं आती। मशीन पर लगाने के बाद लगभग दो महीने तक कोंन बदलने की जरूरत नहीं पड़ती, जबकि सामान्य कोंन में बार-बार गांठ पड़ने के कारण 4–5 बार बदलाव करना पड़ता है।
गांठ रहित लंबे नायलॉन तार के उपयोग से मशीन की रुकावट कम होगी, समय की बचत होगी और अधिकतम प्रोडक्शन संभव हो सकेगा। कुल मिलाकर, सीटमे एग्ज़ीबिशन जैकॉर्ड, शिफली और एंब्रॉयडरी उद्योग के लिए तकनीक, गुणवत्ता और उत्पादन के नए द्वार खोलने जा रही है।




