
पाल क्षेत्र के व्यापारी से बैक एजेंट बनकर 2.97 लाख रुपये की ठगसूरत। शहर में लोन दिलाने के बहाने ठगी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसा ही एक मामला पाल पुलिस थाने में दर्ज किया गया है, जिसमें रेडीमेड गारमेंट व्यापारी पिता-पुत्र से बैंक एजेंट बनकर 2.97 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
पाल पुलिस के अनुसार, पालणपुर कैनाल रोड स्थित नीलकंठ रेसिडेंसी में रहने वाले विशाल हरेशभाई केशवाणी महिधरपुरा रोड पर ओम ट्रेडर्स के नाम से रेडीमेड गारमेंट का व्यवसाय करते हैं। 18 नवंबर 2025 को उनकी और उनके भाई नितेश की मुलाकात अमृतसिंह पाल नामक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद कोआईडीएफसी फर्स्ट बैंक का एजेंट बताया।
आरोपी ने शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर लोन मंजूर कराने का भरोसा दिलाकर विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से कुल 3,14,900 रुपये की लोन स्वीकृत करवाई। स्वीकृत राशि स्कैनर के जरिए अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली। बाद में केवल 17,000 रुपये की एक लोन बंद कराई, जबकि शेष 2,97,900 रुपये की रकम हड़प ली।
इसके बाद आरोपी अमृतसिंह ने संपर्क तोड़ लिया। शिकायतकर्ता द्वारा विरोध करने पर अमृतसिंह और उसके भाई गुरविंदरसिंह पाल ने केस करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित की शिकायत पर पाल पुलिस थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।




