
सूरत।दिनांक 22 दिसंबर 2025, सोमवार की सायंकाल साउथ गुजरात टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन (एसजीटीटीए) द्वारा “व्यापार पर चर्चा” के प्रथम सत्र का आयोजन किया गया। इस बैठक में शहर के प्रतिष्ठित एजेंट, आढ़तिया एवं व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और व्यापार की वर्तमान चुनौतियों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक का संकलन वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील मित्तल ने किया। प्रारंभ में अध्यक्ष सचिन अग्रवाल ने सभी उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए कहा कि पेमेंट की बिगड़ती स्थिति और लगातार उतार-चढ़ाव के कारण सूरत के कपड़ा व्यापार का टर्नओवर सीमित होता जा रहा है। वर्ष में बार-बार दी जा रही सेल-स्कीमों से भी सप्लायर वर्ग प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रथम सत्र है और आगे भी ऐसे सत्र आयोजित कर सामूहिक समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
बोर्ड चेयरमैन सुनील कुमार जैन ने कहा कि बढ़ते खर्च, मेला स्कीमों का चलन, बदलता फैशन और डेड स्टॉक की समस्या ने कपड़ा बाजार को कठिन दौर में ला खड़ा किया है। डूबती रकम की वसूली को लेकर भी व्यापारियों में चिंता बढ़ रही है।
महामंत्री मोहन कुमार अरोरा ने व्यापार सुधार पर विचार रखते हुए कहा कि केवल टर्नओवर बढ़ाने की होड़ से बाहर निकलना होगा। क्रेडिट लिमिट और पेमेंट के दिन तय कर ही उधार देना चाहिए। डीलर्स की पूरी जानकारी रखना आवश्यक है, क्योंकि वर्तमान में पेमेंट नियमों की कोई ठोस सीमा नहीं रह गई है।
बैठक में सुझाव दिया गया कि सूरत के प्रमुख व्यापारियों की अगुवाई में 60 दिन की पेमेंट लिमिट तय की जाए और तय समय के बाद 1.25 से 1.5 प्रतिशत ब्याज लेना अनिवार्य किया जाए। साथ ही, अपनी शॉप, ऑर्डर फॉर्म एवं बिल पर स्पष्ट रूप से “नो जीआर और 60 दिन का पेमेंट” अंकित कर ही माल भेजने पर जोर दिया गया।
चर्चा में यह मुद्दा भी उठा कि साड़ी सेक्टर में ही पेमेंट अधिक लेट क्यों होता है तथा तकादा करते समय छोटे व्यापारियों पर अधिक दबाव और बड़े व्यापारियों पर कम दबाव क्यों रहता है। इस पर सभी से समान रूप से पेमेंट लेने की आवश्यकता पर सहमति बनी।
अंत में कोषाध्यक्ष संतोष माखरिया ने सभी का आभार व्यक्त किया।
बैठक में दिलीप भाई (के. दिलीप एजेंसी), भंवर भाई (बी.डी. एजेंसी), अनिल अग्रवाल (पिकासो), नवीन भाई (कयान प्रिंट्स), विकी भाई (सत्य वचन साड़ी), पंकज भाई (सत्यम साड़ी), शैलेश भाई (शाकंभरी ग्रुप), महेश जैन, गुलाब भाई, आशीष मल्होत्रा, सुरेन्द्र जैन, संजय अग्रवाल, विनोद अग्रवाल सहित अनेक व्यापारियों ने अपने विचार रखे।




