सूरत में 10 दिन की सघन ट्रैफिक ड्राइव: ओवर्सपीडिंग के सबसे अधिक 8,562 मामले
, लोक अदालत में बढ़ाई जाएगी टेबलों की संख्या

सूरत। शहर में ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन करवाने के उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस ने 28 नवंबर से 7 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया। मात्र 10 दिनों में पुलिस ने विभिन्न ट्रैफिक उल्लंघनों के कुल 24,847 चालान काटे और वाहन चालकों से 12.42 करोड़ रुपये से अधिक का दंड वसूल किया। न्यूनतम दण्ड 500 रुपये रखा गया।
अभियान के दौरान सबसे चिंताजनक आंकड़ा ओवर्सपीडिंग का सामने आया, जिसके 8,562 मामले दर्ज किए गए। यह कुल चालानों में सबसे बड़ा हिस्सा है, जो शहर में तेज रफ्तार की गंभीर समस्या को दर्शाता है। इसके अलावा सिग्नल जंपिंग के 6,655, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के 1,707, हेल्मेट न पहनने के 145, तथा अन्य नियम भंग के 7,778 मामलों में कार्रवाई की गई।ट्रैफिक पुलिस अब अनावश्यक हॉर्न बजाने वालों पर भी सख्ती की तैयारी में है। फिलहाल जागरूकता दी जा रही है, लेकिन जल्द ही चालान की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
चारों रीजियनों में की गई कार्रवाई में रीजन-1 (वराछा, कापोद्रा, सारथाणा आदि) सबसे आगे रहा, जहाँ 10,158 चालान काटे गए। इसमें 913 रॉन्ग साइड मामलों, 2,524 सिग्नल जंपिंग, और 4,614 ओवर्सपीडिंग के चालान शामिल हैं। दूसरे स्थान पर रीजन-3 रहा, जहाँ 7,588 चालान जारी किए गए।बढ़ते मामलों को देखते हुए लोक अदालत में चालानों की सुनवाई सुचारू रूप से करने के लिए अतिरिक्त टेबलें लगाने का निर्णय लिया गया है।
सूरत में तेज रफ्तार और सिग्नल जंपिंग जैसे उल्लंघन लगातार बढ़ रहे हैं, जो सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस ने अपील की है कि नागरिक नियमों का पालन करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था में सहयोग दें।




