Textileक्राइमसूरत सिटी

नाकोडा लिमिटेड की 393.79 करोड़ की जब्त संपत्ति बैंकों को लौटाने का आदेश

13 बैंकों से 828 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में मुंबई की विशेष अदालत का फैसला

सूरत। नाकोडा लिमिटेड द्वारा केनरा बैंक सहित 13 बैंकों के साथ करीब 828 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में मुंबई की विशेष अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा वर्ष 2018-19 में जब्त की गई कुल 393.79 करोड़ रुपये की संपत्ति अब संबंधित बैंकों को लौटाई जाएगी। कंपनी पर बिना माल की वास्तविक आपूर्ति किए कागजों पर कारोबार दिखाकर लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) के जरिए बैंकों से राशि हासिल करने का आरोप था।

ईडी ने नाकोडा लिमिटेड और उसके प्रमोटर्स बाबूलाल गुमानमल जैन, देवेंद्र बाबूलाल जैन सहित अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि कंपनी की समूह कंपनियों के माध्यम से कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता और धन की हेराफेरी की गई।

फर्जी बिल और इनवॉयस से एलसी का डिस्काउंट कराया

केनरा बैंक की अगुवाई वाले 13 बैंकों के समूह ने नाकोडा लिमिटेड के विक्रेताओं के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किए थे। आरोप है कि कंपनी ने माल की वास्तविक आपूर्ति किए बिना फर्जी बिल ऑफ एक्सचेंज और इनवॉयस प्रस्तुत कर एलसी डिस्काउंट करा लिए। कुल 1,212 एलसी में से 202 इनलैंड एलसी, जिनकी राशि करीब 827.98 करोड़ रुपये थी, कंपनी द्वारा भुगतान नहीं किए जाने के कारण डिफॉल्ट हो गईं।

2018-19 में ईडी ने की थी संपत्ति जब्त

मामले में ईडी ने वर्ष 2018 में 375.71 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां जब्त की थीं। इसके बाद वर्ष 2019 में 18.08 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति जब्त की गई। दोनों कार्रवाइयों को संबंधित पक्षों द्वारा चुनौती नहीं दी गई। अब कंपनी के खिलाफ परिसमापन की कार्रवाई के बाद अदालत ने ईडी द्वारा जब्त 393.79 करोड़ रुपये की संपत्ति बैंकों को लौटाने का आदेश दिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button