मातृ सेवा ही सच्ची आराधना, मां का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता — साध्वी मोक्षांजना श्री जी
मातृ वंदनावली नाटिका ने श्रद्धालुओं को किया भावुक, आंखें हुईं नम

सूरत । पर्वत पाटिया स्थित श्री कुशल दर्शन दादावाड़ी में श्री जिनकुशलसूरी बाड़मेर जैन श्रीसंघ ट्रस्ट, सूरत के तत्वावधान में चल रहे श्री सुरंजनोत्कर्ष वर्षावास-2026 के अंतर्गत चातुर्मासीय रविवार को मातृ वंदनावली पर आधारित भावपूर्ण नाटिका का मंचन किया गया। परम पूज्य साध्वी श्री मोक्षांजना श्री जी की पावन निश्रा में आयोजित इस कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं के हृदय को झकझोर दिया। नाटिका के मार्मिक दृश्यों और मां के त्याग, प्रेम एवं समर्पण की प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया तथा अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र सेठिया ने बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। अपने प्रेरक प्रवचन में साध्वी श्री मोक्षांजना श्री जी ने कहा कि मां का ऋण किसी भी जन्म में नहीं चुकाया जा सकता। मां अपने बच्चों के लिए जीवनभर त्याग, तपस्या और समर्पण करती है, इसलिए प्रत्येक संतान का प्रथम धर्म माता-पिता का सम्मान और सेवा करना है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में यदि बच्चे अपने माता-पिता के प्रति संवेदनशील बनें और उनकी सेवा को अपना कर्तव्य समझें, तो समाज में वृद्धाश्रमों की आवश्यकता ही समाप्त हो जाएगी। माता-पिता की सेवा ही सच्ची पूजा और वास्तविक धर्म है।

संघ के सचिव पारस हालावाला ने बताया कि नाटिका का मंचन समाज की महिलाओं, युवतियों एवं बच्चों ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया। मेनका बोथरा, भाविका जैन, नमन बोथरा, सम्यक बोथरा, रुचिका भंसाली, पायल जैन, विनीता बोहरा, अरिहंत जैन, रौनक जैन, मीना जैन, प्रियंका जैन एवं लक्ष्मी जैन सहित अनेक कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की। कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन मनीषा धारीवाल, टीना जैन एवं अनुजा जैन ने किया।

चातुर्मास अध्यक्ष मुकेश छाजेड़ ने बताया कि चातुर्मास के दौरान संघ में बीस स्थानक तप, साकलिया तेला, आयंबिल सहित अनेक तपस्याएं निरंतर गतिमान हैं। आगामी 4 अगस्त 2026 से सिद्धि तप की आराधना प्रारंभ होगी, जिसमें बड़ी संख्या में तपस्वी भाग लेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने मातृभक्ति, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।





