युवाचार्य महावीर वर्धापन समारोह में गूंजे विद्या, विनय और विवेक के संदेश
चेन्नई (ट्रिप्लिकेन)। तेरापंथ धर्मसंघ में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण द्वारा मुख्यमुनि श्री महावीर कुमार को युवाचार्य नियुक्त किए जाने के उपलक्ष्य में ट्रिप्लिकेन तेरापंथ भवन में भव्य युवाचार्य वर्धापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम मुनिश्री डॉ. पुलकित कुमार ठाणा-2 के पावन सान्निध्य में चेन्नई की विभिन्न तेरापंथी सभाओं एवं संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
अपने प्रेरक उद्बोधन में मुनिश्री डॉ. पुलकित कुमार ने कहा कि युवाचार्य महावीर विद्या, विनय और विवेक के त्रिवेणी संगम हैं। उन्होंने बाल्यकाल से ही असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया तथा आचार्य महाश्रमण से ‘उत्तम श्रुतधारक’ का सम्मान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि तेरापंथ धर्मसंघ में युवाचार्य पद उसी साधु को प्राप्त होता है, जो गुरु की विशेष कृपा और विश्वास का पात्र बनता है। आचार्य महाप्रज्ञ से दीक्षा और आचार्य महाश्रमण से शिक्षा-संस्कार प्राप्त करने वाले युवाचार्य महावीर जन-जन के लिए प्रेरणास्रोत बनें, यही समस्त चेन्नई श्रावक समाज की मंगलकामना है।
कार्यक्रम में नचिकेता मुनि आदित्यकुमार ने स्वरचित गीत प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता एवं अंतरराष्ट्रीय प्राकृत अध्ययन एवं शोध केंद्र के पूर्व निदेशक दिलीप धींग ने कहा कि युवाचार्य महावीर का युवा नेतृत्व जैन शासन की प्रभावना को नई दिशा देगा। मुख्य अतिथि एवं लायन्स क्लब मीनमब्बाकम के पूर्व अध्यक्ष गौतमचंद बोहरा ने उनकी आज्ञानिष्ठा को अनुकरणीय बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र के संगान से हुई। ट्रिप्लिकेन तेरापंथ ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी संतोषकुमार धारीवाल ने स्वागत भाषण दिया, जबकि महिला मंडल अध्यक्षा मंजू गेलड़ा ने महिला मंडल के साथ मंगलगीत प्रस्तुत किया। विभिन्न तेरापंथी संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं गणमान्यजनों ने गीत और वक्तव्य के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। अतिथियों का स्मृति-चिह्न देकर सम्मान किया गया। अंत में पूर्व मुख्य न्यासी गौतमचंद सेठिया ने आभार व्यक्त किया तथा उपाध्यक्ष विजयकुमार गेलड़ा ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।



