बीजेएस बॉक्स क्रिकेट टूर्नामेंट में जैन समाज के युवाओं का जोश, खेल के माध्यम से एकता का संदेश
भारतीय जैन संगठना, सूरत के प्रथम बॉक्स क्रिकेट आयोजन में पुरुष, महिला व किड्स वर्ग की 28 टीमों ने लिया भाग, विजेता टीमों को किया सम्मानित

सूरत। भारतीय जैन संगठना (बीजेएस) सूरत द्वारा पहली बार आयोजित बीजेएस बॉक्स क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य एवं सफल आयोजन वेसू स्थित सी.बी. पटेल ग्राउंड में किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य जैन समाज के युवाओं को खेल के माध्यम से एक मंच पर लाना तथा सभी जैन संप्रदायों में एकता, भाईचारे और संगठन की भावना को मजबूत करना था। पूरे आयोजन में युवाओं का उत्साह देखते ही बना।
प्रतियोगिता में केवल जैन समाज के खिलाड़ियों ने भाग लिया। पुरुष वर्ग की 20, महिला वर्ग की 4 तथा किड्स वर्ग की 4 टीमों सहित कुल 28 टीमों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
टूर्नामेंट के मुख्य संयोजक आजाद संचेती, किशोर भंसाली तथा सह संयोजक पीयूष दूगड़ एवं गौतम सेठिया के नेतृत्व में आयोजन का सफल संचालन किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से प्रतियोगिता सुव्यवस्थित एवं सफल रही।
संस्था के अध्यक्ष अजय अजमेरा, जनरल सेक्रेटरी हस्तीमल बांठिया तथा मंत्री आजाद संचेती ने आयोजन की सफलता पर सभी खिलाड़ियों, आयोजकों और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को जोड़ने के साथ-साथ जैन समाज के सभी संप्रदायों में सामाजिक समरसता और एकता को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर छोटुभाई पाटिल, जिग्नेश पाटिल, पूर्व डिप्टी मेयर निरवभाई शाह, भारतीय जैन संगठना गुजरात के उपाध्यक्ष संजय शाह चावत, भारतीय जैन संगठना के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय जैन, राष्ट्रीय स्मार्ट गर्ल प्रोजेक्ट प्रमुख डॉ. हर्षिता जैन तथा गुजरात स्मार्ट गर्ल प्रमुख डॉ. रूपाली नीलाखे सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल की सराहना की। 
प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में आशीर्वाद रियल स्टेट ने विजेता तथा संखलेचा सुपर किंग ने उपविजेता का खिताब हासिल किया। महिला वर्ग में वीआर फाइटर विजेता एवं रॉयल रानू उपविजेता रही। किड्स वर्ग में अरिहंत फाइटर ने विजेता तथा वीर राजा ने उपविजेता बनने का गौरव प्राप्त किया।
समापन समारोह में विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं सम्मान प्रदान किया गया। भारतीय जैन संगठना, सूरत ने भविष्य में भी खेल, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज के युवाओं को जोड़ने और सभी जैन संप्रदायों को एक सूत्र में पिरोने का संकल्प दोहराया।




