
सूरत। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश तथा मौसम विभाग द्वारा अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला कलेक्टर तेजस परमार के निर्देशन एवं रेजिडेंट अतिरिक्त कलेक्टर विजय रबारी के मार्गदर्शन में जिला आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी तालुकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और समन्वय को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक प्रांत अधिकारी को लाइजन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सरकार ने सूरत जिले के लिए NDRF की 3 तथा SDRF की 4 टीमों की तैनाती की है। अब तक प्रभावित क्षेत्रों से 3,416 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि 3,862 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
जिला प्रशासन ने सभी तालुकों में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित कर संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर ली है। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों में पेयजल, भोजन के पैकेट, आवश्यक दवाइयों तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने जिले के सभी निचले इलाकों और आश्रय स्थलों की सूची को अद्यतन कर लिया है। बचाव कार्य को तेज और प्रभावी बनाने के लिए सभी जिम्मेदार अधिकारियों को सरकारी वाहनों में टॉर्च, रस्सियां, लाइफ जैकेट सहित आवश्यक बचाव सामग्री साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित समन्वय के लिए सरपंचों, तलाटियों और स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) की संपर्क सूची भी अपडेट कर दी गई है। कई सामाजिक संस्थाएं भी राहत कार्य में सहयोग के लिए आगे आई हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की ‘जीरो कैजुअल्टी अप्रोच’ के अनुरूप प्रशासन कार्य कर रहा है। संभावित पशुहानि या मकानों को नुकसान होने की स्थिति में नियमानुसार राहत सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
जिले में राहत एवं बचाव कार्य में उपयोग होने वाले सभी सरकारी वाहनों और उपकरणों की मरम्मत तथा तकनीकी जांच पूरी कर ली गई है। वर्षा मापक यंत्रों और आपदा प्रबंधन उपकरणों की भी भौतिक जांच कर उन्हें पूरी तरह कार्यशील बनाया गया है। साथ ही जिला आपदा प्रबंधन योजना को भी अद्यतन कर दिया गया है।

नागरिकों की सुविधा के लिए जिला, शहर और सभी तालुका स्तर पर 24 घंटे आपदा नियंत्रण कक्ष संचालित किए जा रहे हैं। सूरत के मुख्य कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 1077 पर बारिश, राहत एवं बचाव से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त की जा सकती है। 7 और 8 जुलाई को दोपहर 12 बजे तक जिला कंट्रोल रूम में कुल 90 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनका प्रशासन द्वारा समयबद्ध समाधान किया गया।
जिला प्रशासन लगातार गांधीनगर स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के संपर्क में रहकर राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क करने की अपील की है।



