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सूरत में 38 घंटे में 19 इंच बारिश, 3,416 लोगों का रेस्क्यू, 3,862 को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

सूरत। सूरत जिले में 1 से 8 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी रहा। बुधवार सुबह 9 बजे तक की स्थिति के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सूरत शहर में औसतन 347 मिमी (13.7 इंच) तथा पिछले 38 घंटों में कुल 19 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के 148 स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई, जहां पानी निकासी का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
बारिश से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। अब तक 3,416 लोगों का रेस्क्यू किया गया है, जबकि 3,862 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर निकटवर्ती सामुदायिक भवनों और स्कूलों में आश्रय दिया गया है। प्रभावित लोगों के लिए 9,563 फूड पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं।
वहीं, सूरत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के दौरान औसतन 192.72 मिमी (7.59 इंच) वर्षा दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्र के 19 स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आई, जहां प्रशासन द्वारा पानी निकासी का कार्य जारी है। पलसाणा तहसील में 19 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। उनके लिए शेल्टर होम और भोजन की व्यवस्था भी की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा का विवरण
8 जुलाई सुबह 9 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार ओलपाड़ में 75 मिमी, मंगरोल में 68 मिमी, उमरपाड़ा में 177 मिमी, मंडवी में 128 मिमी, कामरेज में 381 मिमी, चौर्यासी में 156 मिमी, पलसाणा में 439 मिमी, बारडोली में 189 मिमी, महुवा में 421 मिमी, अरेठ में 85 मिमी तथा अंबिका तहसील में 212 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।

भारी बारिश से टेक्सटाइल मार्केटों और रिहायशी इलाकों में तबाही, करोड़ों रुपये का नुकसान

सूरत। लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने शहर के टेक्सटाइल उद्योग और रिहायशी क्षेत्रों को बुरी तरह प्रभावित किया। कई प्रमुख टेक्सटाइल मार्केटों में बारिश का पानी घुस जाने से व्यापारियों को करोड़ों रुपये के माल का नुकसान होने की आशंका है। वहीं, शहर के अनेक इलाकों में जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

टेक्सटाइल मार्केटों में करोड़ों का नुकसान

रिंग रोड स्थित रघुकुल टेक्सटाइल मार्केट, सोमेश्वरा मार्केट, जेडी मार्केट, अभिषेक मार्केट,बॉम्बे मार्केट और श्रीराम मार्केट सहित कई मार्केटों में बारिश का पानी भर गया। दुकानों और गोदामों में पानी घुसने से कपड़ा एवं अन्य सामान भीग गया, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसके अलावा सारोली क्षेत्र के कई टेक्सटाइल मार्केट भी जलमग्न हो गए, जहां भी बड़े पैमाने पर नुकसान की खबरें सामने आई हैं।

सारोली में सैकड़ों कर्मचारी फंसे, पुलिस ने किया रेस्क्यू

सारोली क्षेत्र में जलभराव के कारण सैकड़ों कर्मचारी विभिन्न मार्केटों में फंस गए। सूचना मिलते ही सारोली पुलिस ने देर रात तक लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाकर सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस त्वरित कार्रवाई के लिए स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने सारोली पुलिस की सराहना की।

 

रिहायशी इलाकों में जलभराव से लोगों की बढ़ी मुश्किलें

परवत पाटिया के गणेशनगर, माधव बाग, व्रजभूमि, गीतानगर, परवत गांव, मॉडल टाउनशिप तथा मॉडल टाउन विस्तार की श्याम वाटिका, वाटिका और नीलकंठ सोसायटी सहित कई क्षेत्रों में पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गणेशनगर में देर रात तक छह फीट से अधिक पानी जमा रहा, जिससे कई परिवार घरों में ही फंस गए। बारिश थमने के बाद लोगों ने कुछ राहत की सांस ली।

वाहन बंद, सड़कें जाम, हजारों लोग पैदल घर पहुंचे

मंगलवार को अर्चना, सीतानगर, सहारा दरवाजा, सब्जी मंडी, वेसु वीआईपी रोड, श्याम बाबा मंदिर तथा भगवान महावीर यूनिवर्सिटी के आसपास भी भारी जलभराव रहा। कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई, जिसके चलते हजारों लोगों को बारिश के बीच पैदल ही अपने घरों की ओर जाना पड़ा।अर्चना स्कूल विस्तार में कई दुकानों में पानी घुस गया। जलभराव के कारण हजारों दोपहिया और चारपहिया वाहन रास्तों में बंद हो गए। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर लंबे समय तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी।

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