सरकार का बड़ा टेक्सटाइल प्लान: सूरत, पानीपत और लुधियाना से आगे बढ़ेगा उद्योग, तीन नए राज्यों में बनेंगे मैन्युफैक्चरिंग हब
PLI योजना के तहत निवेश बढ़ाने की तैयारी, छत्तीसगढ़, केरल और झारखंड से बातचीत तेज; 4.5 करोड़ रोजगार को मिलेगा नया बल

नई दिल्ली। भारत सरकार देश के कपड़ा उद्योग को पारंपरिक केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय अब नए राज्यों में भी टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। वर्षों से सूरत, पानीपत, लुधियाना और तिरुपुर जैसे शहर देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब रहे हैं, लेकिन अब सरकार छत्तीसगढ़, केरल और झारखंड में भी नए टेक्सटाइल विनिर्माण केंद्र विकसित करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए संबंधित राज्य सरकारों के साथ बातचीत जारी है।
सरकार का लक्ष्य प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के माध्यम से अधिक निवेश आकर्षित करना और देश में टेक्सटाइल उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। मंत्रालय ने PLI योजना के तीसरे चरण के तहत एक विशेष इकाई भी बनाई है, जो उद्योगों और राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का समाधान करेगी।
टेक्सटाइल क्षेत्र देश में प्रत्यक्ष रूप से 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देता है। सरकार का मानना है कि नए राज्यों में उद्योग स्थापित होने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
उधर, बांग्लादेश में राजनीतिक और औद्योगिक अस्थिरता के चलते कई वैश्विक ब्रांड अब अपनी सप्लाई चेन का विस्तार भारत की ओर कर रहे हैं। “बांग्लादेश प्लस वन” रणनीति के तहत कई ऑर्डर तिरुपुर, नोएडा सहित भारत के अन्य हिस्सों में स्थानांतरित हो रहे हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार PLI योजना और PM MITRA पार्क जैसी योजनाओं के माध्यम से भारत को वैश्विक टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।




