1 जून से गुजरात में शुरू होगा जनगणना-2027 का पहला चरण, सूरत में 10,800 गणनाकर्मी तैनात

सूरत। ‘जनगणना से जन कल्याण’ के मंत्र के साथ सोमवार, 1 जून 2026 से गुजरात भर में जनगणना-2027 के प्रथम चरण की शुरुआत होने जा रही है। सूरत शहर और जिले में भी इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी, जो पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।
सूरत महानगर क्षेत्र में जनगणना कार्य के लिए 10,800 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी), 10,800 गणनाकर्मी तथा 1,800 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। वहीं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 2,737 एचएलबी, 2,646 गणनाकर्मी और 441 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। जनगणना कार्य को सटीक एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घर आने वाले गणनाकर्मियों को सही एवं पूर्ण जानकारी देकर सहयोग करें। जनगणना-2027 के तहत सूरत जिले में 31 मई 2026 तक 37 हजार से अधिक नागरिकों ने डिजिटल माध्यम से स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) के लिए पंजीकरण कराया है, जिनमें से 32 हजार से अधिक लोगों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 5 हजार से अधिक आवेदन प्रक्रिया में हैं।

पहले चरण में 1 जून से 30 जून 2026 तक घरों और भवनों की सूची तैयार की जाएगी। इस दौरान गणनाकर्मी परिवार, आवास, पेयजल स्रोत, शौचालय सुविधा तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कुल 33 प्रश्न पूछेंगे। जनगणना के लिए एंड्रॉयड और आईओएस आधारित एप्लीकेशन उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें गुजराती सहित 16 भाषाओं का विकल्प मौजूद है।
दूसरे चरण में 9 से 28 फरवरी 2027 के बीच जनसंख्या गणना तथा जाति गणना का कार्य किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम-1948 के तहत नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग किसी कानूनी या कर संबंधी कार्रवाई के लिए नहीं किया जाएगा। साथ ही सही जानकारी देना प्रत्येक नागरिक की कानूनी जिम्मेदारी है तथा जानकारी देने से इनकार करने या गलत जानकारी देने पर दंड का प्रावधान भी है।




