
एमएसएमई सचिव से मुलाकात कर व्यापारियों और रिटेलर्स को “माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइज” की परिभाषा में शामिल करने की रखी मांग
नई दिल्ली। द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) के मानद कोषाध्यक्ष सीए मितिष मोदी एवं सीए राजीव कपासियावाला ने सोमवार, 3 नवम्बर 2025 को नई दिल्ली में टेक्सटाइल सचिव नीलम शामी राव (IAS) से मुलाकात कर प्री–बजट मेमोरेंडम सौंपा। इस दौरान उन्होंने टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े जीएसटी, कस्टम एवं डायरेक्ट टैक्स संबंधी सुधारों पर विस्तृत सुझाव प्रस्तुत किए।
इसके साथ ही चैंबर प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के सचिव श्री एस.सी.एल. दास (IAS) से भी मुलाकात कर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि एमएसएमई एक्ट के सेक्शन 15 में “माइक्रो एवं स्मॉल एंटरप्राइज” की परिभाषा में ट्रेडर्स और रिटेलर्स को भी शामिल किया जाए, ताकि इनकम टैक्स एक्ट की धारा 43(b)(h) के प्रावधानों का लाभ उन्हें भी प्राप्त हो सके। चैंबर ने कहा कि उक्त प्रावधान का उद्देश्य अभी तक पूर्ण रूप से फलदायी नहीं हुआ है, इसलिए इसमें आवश्यक संशोधन जरूरी है।
सूरत उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए चैंबर ने सचिव श्री दास को सूरत आने का आमंत्रण दिया, ताकि वे स्थानीय उद्यमियों को Mutual Credit Guarantee Scheme for MSMEs (MCGS–MSME) के बारे में मार्गदर्शन दे सकें। सचिव ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दर्शाया।



