
सूरत। द सदर्न गुजरात चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री तथा सार्वजनिक एजुकेशन सोसाइटी–सूरत और सार्वजनिक यूनिवर्सिटी–सूरत के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता करार (एमओयू) हुआ। इस करार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, उद्योग प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सुविधा और स्किल डेवेलपमेंट के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे व्यावसायिक रूप से अधिक सक्षम बन सकें।
चेंबर अध्यक्ष निखिल मद्रासी और सार्वजनिक यूनिवर्सिटी–सूरत के अध्यक्ष भरतभाई शाह ने करार पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर चेंबर के उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला और पूर्व अध्यक्ष केतन देसाई भी उपस्थित थे। चेंबर अध्यक्ष मद्रासी ने कहा कि इस करार से विद्यार्थियों को उद्योग जगत से सीधा जुड़ने का अवसर मिलेगा। वे उद्योग के रोजमर्रा के कामकाज, मैनेजमेंट पद्धतियाँ, मार्केटिंग, अकाउंटिंग और प्रोडक्शन प्रोसेस जैसे विषयों का प्रैक्टिकल अनुभव प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनका पेशेवर आत्मविश्वास और कौशल बढ़ेगा।
सार्वजनिक यूनिवर्सिटी अध्यक्ष भरतभाई शाह ने बताया कि विश्वविद्यालय छात्रों का प्लेसमेंट प्रोफाइल और स्किल सेट चेंबर के साथ साझा करेगा, ताकि योग्य उम्मीदवारों को उपयुक्त अवसर दिलाना आसान हो सके। इसके तहत संयुक्त रूप से वर्कशॉप, सर्टिफिकेशन प्रोग्राम, मॉक इंटरव्यू और सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी। साथ ही उद्योग जगत के विशेषज्ञ छात्रों को करियर प्लानिंग, उद्यमिता और नए ट्रेंड्स पर मार्गदर्शन देंगे।
एमओयू के तहत चेंबर अपने उद्योगपति सदस्यों और व्यावसायिक संस्थाओं के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप व उद्योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा तथा प्लेसमेंट ड्राइव, जॉब फेयर, इनोवेशन शोकेस और करियर कॉन्क्लेव जैसे आयोजन कर छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगा। इस समझौते से शिक्षा और उद्योग जगत के बीच का अंतर दूर होगा और छात्रों का करियर विकास अधिक सशक्त बनेगा।




