
सूरत। उधना उद्योगनगर स्थित बैग निर्माता के साथ उसके ही अकाउंटेंट ने विश्वासघात करते हुए 1.63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर डाली। आरोपी ने ‘सीतारा बैग’ से मिलते-जुलते नाम की फर्जी फर्म बनाकर कंपनी के बैग ऑनलाइन कम कीमत पर बेचे और बिक्री की रकम अपने बैंक खाते में जमा कराता रहा। मामले का खुलासा होने पर उधना पुलिस ने आरोपी मनीष चंद्रकांत पठाडे को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, रांदेर निवासी व्यापारी मोहम्मद सेहजाद मोहम्मद सत्तार आलम उधना उद्योगनगर में सीतारा बैग और स्काइलर बैग नाम से बैग निर्माण एवं बिक्री का व्यवसाय करते हैं। वर्ष 2022 से उनकी फर्म में सेल्समैन और अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत मनीष पठाडे ने नौकरी के शुरुआती छह माह में ही ‘मनवंश ट्रेड्स’ नाम से एक अलग फर्म बनाकर बैंक खाता खुलवाया। इसके बाद वह कंपनी के बैग ऑनलाइन कम कीमत पर बेचकर भुगतान अपनी फर्जी फर्म के खाते में जमा करवाता रहा।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 से नवंबर 2025 के बीच आरोपी ने करीब 1.80 करोड़ रुपये का गबन किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि इस रकम से डिंडोली में मकान, मॉपेड, कार और आभूषण खरीदे थे। बाद में उसने कुछ संपत्तियां बेचकर 16.17 लाख रुपये लौटाए, लेकिन शेष 1,63,82,377 रुपये का भुगतान करने से इनकार कर दिया और रकम मांगने पर व्यापारी को धमकी भी दी।
व्यापारी की शिकायत पर उधना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(4) और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।



