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गुजरात, महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश में 22 स्थलों पर माँ तापी को ओढ़ाएंगे 108 मीटर की चुनरी

सूरत I श्री अखिल भारतीय जीण माता सेवा संघ सूरत द्वारा हर वर्ष की भाँती इस वर्ष भी माँ तापी का जन्मोत्सव आषाढ़ शुक्ल सप्तमी 20 जुलाई 2026 सोमवार को धूम धाम से मनाया जायेगा I इस दौरान तापी किनारे बसे सूरत के अलावा तीनों राज्यों में कुल 22 शहर-कस्बों में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे I

श्री अखिल भारतीय जीण माता सेवा संघ सूरत के संस्थापक श्री शरद खंडेलवाल ने बताया कि संघ ने इसकी तैयारियां ज़ोर-शोर से शुरू कर दी है I मध्यप्रदेश में तापी नदी के उद्गम स्थल मुलताई से सागर में विलय वाले सूरत शहर तक 732 किलोमीटर की यात्रा के बीच कुल 22 स्थानों पर तापी मैया को जन्मोत्सव के अवसर पर 108 मीटर लम्बी चुनरी ओढ़ाकर श्रद्धालु अपना भक्ति भाव प्रकट करेंगे I जन्मोत्सव कार्यक्रम के सिलसिले में संघ ने कार्यकर्ताओं की टीम गठित कर सूरत के अलावा सभी 22 शहर-कस्बों में कार्यक्रम के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारियां की है I वहीं, शहर के एक हज़ार आठ मंदिरों में तापी नदी के जल के कलश भी तापी जन्मोत्सव के अवसर पर रखे जायेंगे I

यहाँ यहाँ मनाएंगे चुनरी महोत्सव

कार्यक्रम संयोजक राजेश काबरा ने बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश में तापी नदी के तट पर 22 प्रमुख शहर-कस्बे स्थित है, जिनका पौराणिक महत्त्व है | इनमें मुलताई, पौनी, बारहलिंग, थालनेर, चांगदेव, पारसडोह, धाबला, मांडवी, परसडोह, दोहलन, प्रकाशा, सारंगखेडा, नीमगव्हान, खेड़ा, माछी, देवल घाट, कासवे ,भुसावल, बुरहानपुर,गोला, सावंगी, आठनेर,बोरपानी व सूरत प्रमुख रूप से शामिल है | इन सभी स्थानों पर जीण संघ द्वारा 108 मीटर चुनरी, ध्वज, इत्र, सुहाग पिटारी, तापी माता की आरती व 108 नाम के पत्रक, पंचमेवे का प्रसाद, पूजन सामग्री आदि की किट भेंट की गई |

संघ के दिलीप पटेल ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर स्थित तापी माता की मूर्ति हेतु जीण संघ द्वारा ड्रेस एवं साड़ी सुअर्पित की गई | बारहलिंग तीर्थ स्थान पर जीन संघ द्वारा 11 कन्याओं हेतु सलवार सूट एवं 35 ग्रामीण सुहागिन महिलाओं हेतु साड़ी भी भेंट की जायेगी |

कार्यकर्ताओं की बनाई टीम

संघ के गोविन्द जिंदल ने बताया कि विभिन्न स्थलों पर गठित टीम में राजेश खंडेलवाल, राजू पाटनकर, रामकिशोर पवार, जितेन्द्र कपूर, विनोद भागवत, सुरेश बिड़ला, प्रकाश जैसवाल, रविन्द्र मानकर, अमृत राव,राजेंद्र मोई, मनोहर अग्रवाल, किशोर मुरार, ललित हेरोडे, गिरीश मगरदे, केशव पाटिल, चंदू देशमुख, रविंद्र राव, करसन भाई, अरुण पटेल, भीखू भाई, सुभाष काल भोर, राजेश दीक्षित, सुरेश पवार, श्याम टेकपूरे, गणेशगिरि के अलावा सूरत के आशु गर्ग, गोविन्द जिंदल, नंदू मोहता, मनीष, रघु खंडेलवाल, राजेश काबरा, राजेंद्र राजपुरोहित, दिलीप पटेल, बनवारी क्याल, दिनेश जैन, प्रह्लाद मित्तल, वेद प्रकाश शर्मा, मुकेष माहेश्वरी, सूरज पटेल, हर्ष शर्मा, सांवर अग्रवाल, राकेश अग्रवाल आदि की सक्रीय भूमिका रही |

चुनरी सौजन्य श्री कुंजबिहारी सुल्तानिया एवं ध्वज सौजन्य संजय मित्तल रहे |

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