
रघुकुल मार्केट के व्यापारी से जयपुर के ठगों ने की 29.92 लाख की ठगी,
भरोसे में लेकर खरीदा लाखों का कपड़ा, भुगतान किए बिना दुकान बंद कर फरार हुए आरोपी,जयपुर के दो कारोबारियों पर केस दर्ज
सूरत। रिंग रोड स्थित रघुकुल टेक्सटाइल मार्केट के एक कपड़ा व्यापारी से लगभग 29.92 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। वीआईपी रोड, वेसु निवासी कपड़ा व्यापारी गौरब वीरेन्द्र जैन (39) की शिकायत पर जयपुर (राजस्थान) के दो कारोबारियों के खिलाफ धोखाधड़ी एवं आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोनों ने प्रतिष्ठित व्यापारी होने का विश्वास दिलाकर लाखों रुपये का कपड़ा खरीदा, लेकिन भुगतान किए बिना दुकान बंद कर फरार हो गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता गौरब वीरेन्द्र जैन, फ्लैट नं. 802, स्वर संगिनी अपार्टमेंट, कैपिटल ग्रीन के पास, वीआईपी रोड, वेसु, सूरत के निवासी हैं तथा मूल रूप से गणकर स्टेशन, जैन पट्टी, जिला मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) के रहने वाले हैं। वह रिंग रोड स्थित रघुकुल टेक्सटाइल मार्केट की दुकान नं. 2122 से 2131 एवं 2160 से 2169 में संचालित वीरेन सिल्क मिल्स प्रा. लि. के डायरेक्टर हैं।
गौरव का दलाल शंकरभाई के माध्यम से उनकी पहचान हुमक बाबू भारती और अशोक दलाराम से हुई थी। हुमक बाबू भारती ने स्वयं को महादेव क्रिएशन का प्रोपराइटर बताते हुए अपनी फर्म का पता पहली मंजिल, 07, न्यू सांगानेर रोड, अभिनव डाली रिसॉर्ट, विष्णु विहार, कल्याणपुरा, जयपुर (राजस्थान) बताया। उसका मूल निवास 25, कलेवा, बाड़मेर (राजस्थान) है। वहीं दूसरे आरोपी अशोक दलाराम का मूल निवास घाचियों की ढाणी, कल्लन, लूणी, जोधपुर (राजस्थान) बताया गया है।
दोनों आरोपियों ने समय पर भुगतान करने और लंबे समय तक व्यापारिक संबंध बनाए रखने का भरोसा देकर कपड़े का कारोबार शुरू किया। इसके बाद 20 जून 2025 से 28 अक्टूबर 2025 के बीच अलग-अलग बिलों के माध्यम से शिकायतकर्ता से 31,38,335 रुपये का फिनिश कपड़ा खरीदा। दोनों पक्षों के बीच तय हुआ था कि माल का भुगतान 80 से 90 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।
निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने पर गौरब जैन ने कई बार आरोपियों से संपर्क किया। इस दौरान आरोपियों ने केवल 1,46,301 रुपये का कपड़ा वापस लौटाया और शेष 29,92,034 रुपये जल्द चुकाने का आश्वासन देकर लगातार टालमटोल करते रहे।
जब काफी समय तक भुगतान नहीं मिला तो शिकायतकर्ता ने अपने दलाल को जयपुर भेजा, जहां आरोपियों की दुकान बंद मिली। इसके बाद गौरब जैन स्वयं जयपुर पहुंचे, लेकिन वहां भी दुकान बंद थी। स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपी दुकान बंद कर कहीं चले गए हैं। उनके मोबाइल फोन भी बंद मिले।
दोनों आरोपियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत विश्वास में लेकर लाखों रुपये का माल प्राप्त किया और भुगतान किए बिना फरार होकर 29.92 लाख रुपये की धोखाधड़ी एवं आपराधिक विश्वासघात किया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल शक्तिसिंह जडेजा कर रहे हैं।



