
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देशभर के करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए गुड्स एंड सर्विस टैक्स अपीलीय अधिकरण (जीएसटीएटी) में अपील दाखिल करने की अंतिम तारीख एक महीने के लिए बढ़ा दी है। अब करदाता 31 जुलाई 2026 तक अपने लंबित मामलों में अपील प्रस्तुत कर सकेंगे।
मंगलवार को लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे जीएसटीएटी पोर्टल पर अंतिम दिनों में बढ़े दबाव और तकनीकी समस्याओं को मुख्य कारण बताया गया है। विभिन्न पक्षों और करदाताओं की ओर से मिली शिकायतों और प्रस्तुतियों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने यह फैसला लिया। इससे पहले अपील दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 जून 2026 तय की गई थी।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, समयसीमा पहले से घोषित होने के बावजूद अंतिम सप्ताहों में अपील दाखिल करने में अचानक तेजी आई। केवल पिछले 15 दिनों में करीब 30 हजार अपीलें दर्ज हुईं, जबकि प्रतिदिन औसतन 5,500 तक फाइलिंग हुई। इसी भारी दबाव के कारण पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतें सामने आईं।
मंत्रालय ने करदाताओं को सलाह दी है कि वे अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपील दाखिल करें, ताकि तकनीकी परेशानियों से बचा जा सके।
उल्लेखनीय है कि जीएसटीएटी, जीएसटी विभाग के आदेशों को चुनौती देने वाले करदाताओं के लिए पहला और महत्वपूर्ण न्यायिक अपीलीय मंच है। इसकी मुख्य पीठ नई दिल्ली में स्थित है, जो केंद्र और राज्यों के बीच कर विवादों के समाधान में अहम भूमिका निभाती है।




