
सूरत। जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल (GST Tribunal) के पोर्टल में लगातार आ रही तकनीकी खामियों के कारण अनेक करदाता और टैक्स प्रोफेशनल्स निर्धारित समय सीमा तक अपनी अपील दाखिल नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे मामलों में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जीएसटी कानून में विलंब माफी (Condonation of Delay) का प्रावधान मौजूद है।
जानकारों के अनुसार, यदि पोर्टल की तकनीकी खराबी या सर्वर डाउन होने के कारण 30 जून तक अपील दाखिल नहीं हो पाई है, तो अपीलकर्ता को तकनीकी समस्या के पर्याप्त साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए। इनमें पोर्टल पर आए एरर मैसेज के स्क्रीनशॉट, स्क्रीन रिकॉर्डिंग, हेल्पडेस्क पर दर्ज शिकायत, शिकायत संख्या तथा भेजे गए ई-मेल की प्रतियां शामिल हैं। ये दस्तावेज यह साबित करने में मदद करेंगे कि अपील समय पर दाखिल करने का प्रयास किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से ऐसा संभव नहीं हो सका।
ऐसी स्थिति में संबंधित व्यापारी या करदाता ट्रिब्यूनल में विलंब माफी के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। यदि तकनीकी बाधा के पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध कराए जाते हैं, तो ट्रिब्यूनल उन्हें स्वीकार कर अपील पर सुनवाई का अवसर दे सकता है।
हालांकि, जीएसटी ट्रिब्यूनल में अपील दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाने की मांग भी की गई है, लेकिन इस पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसलिए विशेषज्ञों ने सभी करदाताओं को सलाह दी है कि वे तकनीकी समस्या से जुड़े हर प्रकार के साक्ष्य सुरक्षित रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।



