
सूरत। आरटीओ के ई-चालान के नाम पर व्हाट्सऐप पर भेजी गई एक फर्जी E-Chalan.apk फाइल डाउनलोड करना वराछा के एक कपड़ा व्यापारी को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने व्यापारी का मोबाइल हैक कर उनके बैंक खाते से किस्तों में कुल 24.40 लाख रुपये उड़ा लिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब फैक्ट्री के अकाउंटेंट ने बैंक खाते की एंट्रियां जांचीं। इसके बाद पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
जानकारी के अनुसार, एल.एच. रोड स्थित त्रिकमनगर सोसायटी निवासी तथा कडोदरा में बलर ट्रेंड्स नाम से टेक्सटाइल वैल्यू एडिशन का व्यवसाय करने वाले हर्षदभाई भूपतभाई बलर (38) को 21 जनवरी 2026 को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप पर E-Chalan.apk फाइल भेजी गई थी। फाइल पर क्लिक करते ही वह मोबाइल में डाउनलोड हो गई। इसके बाद मोबाइल पर लगातार टेक्स्ट मैसेज और कॉल फॉरवर्डिंग शुरू हो गई, लेकिन शुरुआत में उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया।
कुछ दिनों बाद बैंक से नए बेनिफिशियरी जुड़ने के संदेश मिलने पर व्यापारी ने एहतियातन अपने सभी बैंक खातों के डेबिट फ्रीज करा दिए। बाद में नेट बैंकिंग दोबारा शुरू कराने बैंक पहुंचे तो पता चला कि ठगों ने उनकी जानकारी के बिना बैंक खाते में दर्ज आधिकारिक ई-मेल आईडी भी बदल दी थी।
तीन खातों में ट्रांसफर किए 24.40 लाख रुपये
जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच योजनाबद्ध तरीके से मोबाइल हैक कर अल हुसैनी हेल्प फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट, पिंकू बनर्जी और सूरज नाम के तीन अलग-अलग बैंक खातों में कुल 24.40 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। 25 मई 2026 को अकाउंटेंट द्वारा एचडीएफसी बैंक के कैश क्रेडिट खाते की जांच के दौरान इस बड़ी साइबर ठगी का खुलासा हुआ। फिलहाल साइबर सेल ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




