फायर सेफ्टी सिस्टम निकला बेकार, 90 सेंट्रल मशीनें, प्रिंटर मशीन, 500 कपड़ा गांठें समेत करोड़ों का सामान खाक
सूरत। पांडेसरा क्षेत्र स्थित ओरिएंट डाइंग मिल में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में ग्राउंड प्लस दो मंजिला पूरी इमारत इसकी चपेट में आ गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें सात अलग-अलग फायर स्टेशनों से मौके पर पहुंचीं और करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
फायर विभाग के अनुसार, रात करीब 2 बजे पांडेसरा स्थित ओरिएंट डाइंग मिल में आग लगने की सूचना कंट्रोल रूम को मिली थी। इसके बाद भेस्तान, उधना और मानदरवाजा फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियां रवाना की गईं। लेकिन आग के विकराल रूप को देखते हुए मजूरा, डिंडोली, डुंभाल और कतारगाम फायर स्टेशन से भी अतिरिक्त टीमों को बुलाना पड़ा। फायर ब्रिगेड ने बिल्डिंग को चारों तरफ से घेरकर लगातार पानी की बौछार की और लंबे ऑपरेशन के बाद आग पर नियंत्रण पाया।
भीषण आग में मिल के भीतर लगी 90 सेंट्रल मशीनें, रोड रोटरी मशीन, जीरो-जीरो मशीन, जेड डाउन, आरओ प्लांट, 500 कपड़े के टांके, वायरिंग और प्रिंटर मशीन समेत भारी मात्रा में सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग नीचे के हिस्से से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई।
इस घटना में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि मिल में लगे फायर सेफ्टी उपकरण केवल दिखावे के साबित हुए। फायर विभाग को मौके पर मिले अग्निशमन यंत्र जंग लगे और अनुपयोगी हालत में मिले। कई होज पाइप बॉक्स खाली थे, वाल्व तक जंग खा चुके थे, जिससे आग बुझाने में मिल के अंदर मौजूद किसी भी सुरक्षा व्यवस्था का उपयोग नहीं हो सका। उल्लेखनीय है कि ओरिएंट डाइंग मिल में इससे पहले भी तीन से चार बार आग लग चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीरता नहीं बरती गई।




