ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए सख्ती, बकाया ई-चालान वाले वाहन होंगे ब्लॉक
45 दिन में आपत्ति नहीं तो चालान माना जाएगा स्वीकार, एक साल में 5 से अधिक चालान पर लाइसेंस भी हो सकता है निलंबित

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नए नियमों के तहत अब समय पर ई-चालान का भुगतान नहीं करने वाले वाहन मालिकों के वाहनों को ‘ब्लॉक श्रेणी’ में रखा जाएगा, जिससे उन्हें कई प्रशासनिक सेवाओं से वंचित होना पड़ सकता है।
नियमों के अनुसार ई-चालान जारी होने के बाद वाहन मालिक को 45 दिनों के भीतर आपत्ति या शिकायत दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। निर्धारित अवधि में कोई आपत्ति नहीं होने पर चालान को स्वीकार माना जाएगा। इसके बाद भी यदि जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है तो वाहन को ‘नॉट टू बी ट्रांजैक्टेड’ श्रेणी में डाल दिया जाएगा।
वाहन के ब्लॉक होने पर आरटीओ में उससे संबंधित अधिकांश कार्य नहीं हो सकेंगे। वाहन ट्रांसफर, एनओसी, परमिट समेत अन्य सेवाएं प्रभावित होंगी। केवल सरकारी कर जमा कराने की सुविधा जारी रहेगी।
सरकार ने बार-बार नियम तोड़ने वालों के लिए भी कड़ा प्रावधान किया है। नए नियम के तहत यदि किसी वाहन चालक को एक वर्ष में पांच से अधिक ई-चालान जारी होते हैं तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में बड़ी संख्या में ट्रैफिक चालान लंबित हैं। वर्ष 2025 के अध्ययन में करीब 64 प्रतिशत चालानों की वसूली नहीं हो पाई थी। गुजरात में भी ई-चालानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2025 में राज्य में 85.7 लाख से अधिक ई-चालान जारी किए गए, जिनमें 231 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना दर्ज किया गया। अनुमान है कि गुजरात में अभी भी 140 से 150 करोड़ रुपये तक की चालान राशि बकाया है।




