माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क (MFIN) द्वारा सूरत में वित्तीय साक्षरता और जागरूकता कार्यक्रम
सूरत पुलिस, नाबार्ड और बैंक ऑफ बड़ौदा के वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया मार्गदर्शन

ग्राहकों से वित्तीय विवरण गोपनीय रखने, डिजिटल धोखाधड़ी से बचने और ऋण माफी की अफवाहों से गुमराह न होने का अनुरोध
किसी भी धोखाधड़ी के मामले में हेल्पलाइन नंबर 1930 या MFIN के टोल-फ्री नं.18001021080 पर संपर्क करें
सूचना ब्यूरो, सूरत, बुधवार| भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मान्यता प्राप्त NBFC-MFI के लिए राष्ट्रीय स्तर के स्व-नियामक संगठन ‘माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क (MFIN)’ द्वारा सूरत के लक्ष्मीबाई कम्युनिटी हॉल में एक वित्तीय साक्षरता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
बंधन बैंक, बेलस्टार माइक्रोफाइनेंस, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, एचडीएफसी (HDFC) बैंक और एलएंडटी (L&T) फाइनेंस के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जी. ए. सरवैया (ACP, आर्थिक अपराध शाखा, सूरत पुलिस), दिनेश आर. (लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, बैंक ऑफ बड़ौदा, सूरत), रूपेश आर. पनिकर (DDM – AGM, नाबार्ड, सूरत), पशु अतकालीकर (निदेशक, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, बैंक ऑफ बड़ौदा, सूरत) और देवेंद्र शहापुरकर (क्षेत्रीय प्रमुख – महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा, MFIN) ने ग्राहकों को वित्तीय विवरण गोपनीय रखने, डिजिटल धोखाधड़ी से बचने और ऋण माफी की अफवाहों से गुमराह न होने के साथ-साथ बचत योजनाओं में निवेश, ऋण लेने और पुनर्भुगतान (लोन चुकाने) तथा सरकारी बीमा योजनाओं के बारे में मार्गदर्शन दिया।
आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) के ACP श्री जी. ए. सरवैया ने कहा कि वर्तमान समय में वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए लोगों को जागरूक होने की सख्त जरूरत है। उन्होंने ग्राहकों को मोबाइल फोन के दुरुपयोग के प्रति आगाह किया और सलाह दी कि वे KYC जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत कानूनी एजेंसी के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या MFIN के टोल-फ्री नंबर 18001021080 पर संपर्क करने को कहा।
लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (BOB) श्री दिनेश आर. ने कहा कि माइक्रोफाइनेंस राष्ट्रीय एजेंडे का एक हिस्सा है। शुरुआत में बैंकों के लिए सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल था, तब MFI संस्थानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने ऋण वितरण में संस्थानों को अनावश्यक आक्रामकता न रखने की भी सलाह दी।
नाबार्ड के डीडीएम श्री रूपेश आर. पनिकर ने ग्राहकों को बजट और खर्चों का उचित नियोजन करने तथा अपनी आवश्यकता और चुकाने की क्षमता के अनुसार ही ऋण लेने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि RBI द्वारा मान्यता प्राप्त MFI संस्थान नियमों का कड़ाई से पालन करते हैं। ग्राहकों को ‘ऋण माफी’ जैसी भ्रामक अफवाहों या प्रचारों से गुमराह नहीं होना चाहिए, क्योंकि ऋण न चुकाने से क्रेडिट स्कोर खराब होता है और भविष्य में बैंकों या अन्य संस्थानों से ऋण प्राप्त करने के लिए ग्राहक अयोग्य हो जाता है।
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक श्री पशु अतकालीकर ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज के अंतिम छोर और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को वित्तीय सेवाओं, बचत योजनाओं, निवेश, बीमा और धोखाधड़ी से बचने के बारे में सूचित करने का एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने MFIN को ब्लॉक (तालुका) स्तर पर भी ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।
MFIN के प्रतिनिधि श्री देवेंद्र शहापुरकर ने कहा कि पिछले कुछ समय से सूरत के विभिन्न क्षेत्रों में अनधिकृत और असामाजिक तत्वों द्वारा ऋण माफी को लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को बचाने के लिए MFIN भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने इस शिविर के आयोजन में सहयोग के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।




