मॉडल रेप केस में सूरत के व्यापारी अक्षय जैन को झटका, कोर्ट ने जमानत ठुकराई
समझौते का हलफनामा खारिज, अदालत बोली- शादी बचाने के लिए केस वापस नहीं हो सकता, रेप समाज के खिलाफ गंभीर अपराध

ठाणे। मॉडल से दुष्कर्म के मामले में सूरत के व्यापारी अक्षयकुमार कांतिलाल जैन को थाणे की सत्र अदालत से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए पीड़िता द्वारा पेश किए गए समझौते के हलफनामे को भी अमान्य करार दिया। कोर्ट ने कहा कि बलात्कार जैसे गंभीर अपराध में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
जानकारी के अनुसार, काशीमीरा पुलिस ने 25 अप्रैल को सूरत निवासी व्यापारी अक्षयकुमार कांतिलाल जैन को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (बलात्कार) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसने पंजाब की 26 वर्षीय प्रोफेशनल मॉडल को अभिनय के ऑडिशन का झांसा देकर गोवा से मीरा रोड स्थित होटल में बुलाया और चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर जबरन दुष्कर्म किया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पीड़िता का नोटरीकृत हलफनामा पेश कर दावा किया कि युवती की शादी तय हो चुकी है और वह अपने भविष्य के वैवाहिक जीवन को प्रभावित होने से बचाने के लिए शिकायत वापस लेना चाहती है। लेकिन सरकारी पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह गंभीर और गैर-समझौतापात्र अपराध है तथा जांच अभी जारी है।
अतिरिक्त सरकारी वकील मनीषा पावसे की दलीलें सुनने के बाद एडिशनल सेशंस जज पी.वी. घुले ने 9 जून को आदेश देते हुए कहा कि पीड़िता का विवाह प्रभावित होने का डर समझा जा सकता है, लेकिन इससे अपराध की गंभीरता कम नहीं होती। अदालत ने कहा कि बलात्कार समाज के खिलाफ अपराध है और इसका समझौता कानूनन मान्य नहीं हो सकता। साथ ही कोर्ट ने यह भी माना कि पीड़िता के हलफनामे से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि संबंध उसकी इच्छा के विरुद्ध बनाए गए थे। ऐसे में आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा।




