50 वर्ष की आयु तक मान्य हो सकता है ड्राइविंग लाइसेंस, RTO के चक्कर से मिलेगी राहत
केंद्र सरकार की नई योजना पर विचार, ऑनलाइन होंगे वाहन ट्रांसफर और परमिट नवीनीकरण जैसे कई कार्य

नई दिल्ली।देश के करोड़ों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित योजना के तहत ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता बढ़ाकर 50 वर्ष की आयु तक किए जाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे लोगों को बार-बार आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जानकारी के अनुसार, मंत्रालय वाहन मालिकों को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई डिजिटल सुधारों पर तेजी से काम कर रहा है। इनमें वाहन स्वामित्व हस्तांतरण (व्हीकल ट्रांसफर), परमिट नवीनीकरण तथा अन्य परिवहन सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
वर्तमान नियमों के तहत ड्राइविंग लाइसेंस की अधिकतम वैधता 20 वर्ष तक होती है, जिसके बाद उसे नवीनीकृत कराना अनिवार्य होता है। नए प्रस्ताव के लागू होने पर लाइसेंस धारकों को लंबे समय तक नवीनीकरण की प्रक्रिया से राहत मिल सकेगी।
मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल केंद्र सरकार के ‘ईज ऑफ लिविंग’ अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाना है।
हालांकि, इस बदलाव से राज्य सरकारों की आय प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इससे राज्यों के राजस्व पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
नई व्यवस्था के तहत ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या उसका नवीनीकरण कराने के लिए निर्धारित शुल्क भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा कराया जा सकेगा। इससे आरटीओ कार्यालयों में भीड़ कम होगी, समय की बचत होगी और भ्रष्टाचार तथा बिचौलियों की भूमिका पर भी अंकुश लग सकेगा।
केंद्रीय मंत्रालय द्वारा इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लिए जाने के बाद देशभर में नई व्यवस्था लागू की जा सकती है।



