पांच दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शोभायात्रा के साथ शुभारंभ, कथावाचक ने बताया महात्म्य

सूरत। वेसु स्थित कैपिटल ग्रीन सोसाइटी बैंक्वेट हॉल में शनिवार को पांच दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस व्यासपीठ से पूज्या संत अलका जी ने श्रीराम कथा का महात्म्य सुनाते हुए श्रद्धालुओं को कथा के महत्व से अवगत कराया।
कथा प्रारंभ होने से पूर्व संत अलका जी के सान्निध्य में कलश पूजन एवं शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा जीण माता मंदिर, देवसर माता प्रांगण तथा मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के निकट से विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति गीतों के साथ वातावरण राममय हो गया।
प्रथम दिवस की कथा में संत अलका जी ने कहा कि श्रीराम कथा के श्रवण मात्र से जीव का कल्याण होता है। कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा मनुष्य को भवसागर से पार लगाने का मार्ग दिखाती है। गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि गुरु कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि गुरु तत्व होता है, जो जीवन में आनंद, मंगल और कल्याण का संचार करता है। संत समाज को उन्होंने चलता-फिरता प्रयागराज बताया।
श्रीराम कथा महोत्सव के मनोरथी कौशल्या देवी गिलड़ा, वासुदेव गिलड़ा, सर्वेश्वर गिलड़ा, गीता देवी अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, सचिन अग्रवाल एवं नितिन अग्रवाल हैं। कथा का श्रवण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार कथा प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से सायं 6:30 बजे तक आयोजित की जाएगी।




