सिंध के रूहानी संत पूज्य श्री साधराम जी को सूरत में भावभीनी श्रद्धांजलि

सूरत, 23 मई। सिंध के रूहानी संत एवं एसएसडी धाम रहड़की साहब (जिला गोटकी, पाकिस्तान) के गादीनशीन परम पूज्य श्री साधराम जी के परलोक गमन पर शनिवार को सूरत की विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा रामनगर स्थित सिंधु वाड़ी अमरपुर भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न संगठनों के अध्यक्षों, अग्रणियों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर पूज्य संत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूज्य श्री साधराम जी का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, हंसमुख एवं प्रेममय था। वे सभी से मुस्कराकर मिलते थे और स्नेहपूर्वक आलिंगन कर अपनापन जताते थे। उनके विचार एवं सेवा कार्य सदैव समाज को प्रेरणा देते रहेंगे। उपस्थित अग्रणियों ने उनके जीवन, समाज सेवा, धार्मिक कार्यों एवं मानवता के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
जानकारी के अनुसार पूज्य श्री साधराम जी सिंध प्रांत के प्रसिद्ध एसएसडी धाम रहड़की साहब के सातवें गादीपति थे। यह ऐतिहासिक धाम अखंड भारत के समय से ही श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है और आज भी पाकिस्तान के सिंध प्रांत में लगभग 90 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत है। उनका निधन 19 मई 2026 को सिंगापुर में हुआ था, जबकि 21 मई को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पूरे सिंध प्रांत सहित भारत और विश्वभर में बसे उनके लाखों अनुयायियों में शोक की लहर है। पूज्य संत विश्वभर में धार्मिक प्रवास करते रहते थे तथा भारत के विभिन्न शहरों में एसएसडी के नाम से 36 धाम संचालित हो रहे हैं। उनकी देखरेख में नागपुर में लगभग सवा सौ करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल धार्मिक आश्रम का निर्माण भी चल रहा है। वे समय-समय पर भारत प्रवास पर आते थे और सूरत में भी कई बार पधार चुके थे।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत संत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।



