20 हजार टन एलपीजी लेकर गुजरात पहुंचा गैस टैंकर जहाज
मध्य-पूर्व तनाव के बीच कंडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंचा ‘सिमी’ जहाज

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत की घरेलू रसोई गैस आपूर्ति को लेकर राहतभरी खबर सामने आई है। लगभग 20,000 टन एलपीजी (रसोई गैस) लेकर ‘सिमी’ नामक गैस टैंकर जहाज रविवार सुबह गुजरात के कंडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह पर सुरक्षित रूप से पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार यह जहाज 13 मई 2026 को अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरा था। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण यह समुद्री मार्ग फिलहाल जोखिमपूर्ण और आंशिक रूप से बाधित माना जा रहा है। इसके बावजूद रणनीतिक समन्वय और सुरक्षा उपायों के तहत जहाज को सफलतापूर्वक भारतीय तट तक पहुंचाया गया।
सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा कतर के रास लाफान टर्मिनल से खरीदे गए इस जहाज में लगभग 20,000 टन प्रोपेन और ब्यूटेन गैस भरी हुई थी। जहाज पर सवार सभी 21 विदेशी क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं। क्षेत्र में अमेरिकी निगरानी तथा ओमान की खाड़ी में ईरानी नौसेना की सक्रियता के बीच जहाज को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष समुद्री रणनीति अपनाई गई।
सूत्रों के अनुसार संघर्ष क्षेत्र से गुजरते समय जहाज ने रडार निगरानी से बचने के लिए अस्थायी रूप से अपनी ऑटोमेटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) ट्रांसपोंडर सेवा बंद कर दी थी। इस रणनीति के माध्यम से जहाज ने निगरानी वाले क्षेत्र को पार कर ईरान के लाराक द्वीप के पूर्व में पुनः सुरक्षित सिग्नल प्रसारित करना शुरू किया।
भारत सरकार के अधिकारियों ने बताया कि पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा शिपिंग महानिदेशालय सहित विभिन्न मंत्रालयों के बीच चौबीसों घंटे समन्वय बनाए रखा गया। बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि बहुस्तरीय समन्वय के कारण ही जहाज को किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रखा जा सका।
बताया गया है कि मार्च की शुरुआत से खतरनाक समुद्री मार्ग पार कर भारत पहुंचने वाला ‘सिमी’ 13वां जहाज है। इसके बाद वियतनामी ध्वज वाला एलपीजी टैंकर “एनवी सनशाइन” भी 46,427 टन ईंधन लेकर न्यू मैंगलोर बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है।




