
सूरत। शहर के पुणा क्षेत्र स्थित सीताराम सोसायटी में बाल मजदूरी के खिलाफ चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान बाल मजदूरों को छिपाने और अन्य स्थान पर भेजने के मामले में पुणा पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू की है। आरोपियों ने पुलिस छापे की सूचना मिलते ही नौ बाल मजदूरों को टेम्पो में भरकर कडोदरा रवाना कर दिया था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार 13 मई 2026 को पुणा पुलिस, उदयपुर (राजस्थान) पुलिस टीम तथा स्थानीय एनजीओ के संयुक्त अभियान के तहत पुणा क्षेत्र के मुक्तिधाम, सीताराम और विजयनगर सोसायटी स्थित साड़ी कारखानों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था, जिसमें कुल 91 बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया था। छापे की जानकारी मिलते ही सीताराम सोसायटी में साड़ी का कारखाना चलाने वाले सुमेरसिंह नाथुसिंह राठौड़ ने अपने यहां काम कर रहे नौ नाबालिग मजदूरों को टेम्पो में बैठाकर वहां से रवाना कर दिया था।
बाल मजदूरों को बंद टेम्पो में ले जाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और टेम्पो चालक भवरसिंह लक्ष्मणसिंह देवड़ा को पकड़ लिया। पूछताछ में चालक ने खुलासा किया कि सुमेरसिंह नाथुसिंह राठौड़ और भैरूसिंह माधुसिंह ने बच्चों को मजदूरी पर रखा था। पुलिस कार्रवाई के दौरान सुमेरसिंह ने बच्चों को कडोदरा पहुंचाने का निर्देश दिया था, जहां भैरूसिंह उन्हें लेने के लिए मौजूद था। बच्चों को कडोदरा उतारने के बाद चालक वापस लौट गया, जबकि भैरूसिंह ने उन्हें आगे अन्य स्थान पर भेज दिया।
घटना के संबंध में पुणा पुलिस ने भवरसिंह लक्ष्मणसिंह देवड़ा, सुमेरसिंह नाथुसिंह राठौड़ तथा भैरूसिंह माधुसिंह (निवासी सीताराम सोसायटी, पुणागाम, मूल निवासी राजस्थान) के विरुद्ध बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।



