
सूरत।सूरत शहर के एक व्यापारी और आरोपी के बीच कपड़ा सामग्री के व्यापार को लेकर व्यावसायिक संबंध थे। आरोपी महेंद्रसिंह राव ने फरियादी की फर्म से कपड़ा सामग्री खरीदी थी। भुगतान की बार-बार मांग करने पर आरोपी ने अपनी फर्म का चेक दिया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक अनादरित हो गया।
इसके बाद फरियादी ने अधिवक्ता नरेश नावडिया के माध्यम से अदालत में परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही 15 लाख रुपये के चेक के बदले फरियादी को 25 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करने का आदेश दिया था।
ट्रायल कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए आरोपी महेंद्रसिंह रीदमलसिंह राव ने अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि आरोपी को यह साबित करना आवश्यक था कि कोई देनदारी अस्तित्व में नहीं थी, लेकिन आरोपी ने साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात कहने के बावजूद कोई प्रमाण पेश नहीं किया।




