
सूरत। सूरत के रिंगरोड स्थित टेक्सटाइल मार्केटों में बार-बार लग रही आग की घटनाओं के पीछे अब दुकानदारों की लापरवाही बड़ा कारण बनकर सामने आ रही है। हाल ही में मिलेनियम मार्केट सहित अन्य मार्केटों में एक ही दिन में दो बड़े फायर कॉल मिलने से व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, सूरत की टेक्सटाइल मार्केटों में पिछले तीन वर्षों से हर साल 25 से अधिक बड़े आग के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। इसके बावजूद व्यापारी सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकतर आग की घटनाएं इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट के कारण हो रही हैं। दरअसल, 10 से 15 साल पुरानी लगभग 150 टेक्सटाइल मार्केटों में शुरुआत में सिर्फ 1 KV बिजली कनेक्शन दिया गया था। लेकिन समय के साथ व्यापारियों ने बिना लोड बढ़ाए दुकानों में 2-4 एसी, एलईडी लाइट, कूलर, फ्रिज और अन्य उपकरण लगा दिए हैं।
गर्मी के मौसम में एसी का तापमान 21-22 डिग्री तक कम रखने से बिजली पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे वायरिंग गर्म होकर शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
हाल ही में व्यापारियों, पुलिस और बिजली कंपनी के अधिकारियों की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सभी व्यापारियों को अपने उपयोग के अनुसार लोड एक्सटेंशन और एनर्जी ऑडिट कराना जरूरी है, अन्यथा बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहेगा।
वेंटिलेशन बंद होने से आग बनती है विकराल
आग की घटनाओं को बढ़ाने में एक और बड़ी समस्या सामने आई है। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों में वेंटिलेशन और ओपन-टू-स्काई (OTS) जगहों को जाली या टीन से बंद कर दिया है।
ऐसी स्थिति में जब आग लगती है तो फायर ब्रिगेड को अंदर तक पानी पहुंचाने में भारी कठिनाई होती है, जिससे छोटी आग भी विकराल रूप ले लेती है। साथ ही दुकानों में अत्यधिक माल भरे होने के कारण आग तेजी से फैलती है।
फोस्टा और सूरत पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि वे वेंटिलेशन को बंद न करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। इसके बावजूद कई व्यापारी निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं।
गर्मी की शुरुआत में ही इस तरह की घटनाएं सामने आने से आशंका जताई जा रही है कि मई-जून में हालात और गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में व्यापारियों को तुरंत बिजली लोड बढ़ाने और वायरिंग सुधारने की सख्त जरूरत है, नहीं तो पूरी मार्केट आग की चपेट में आ सकती है।



