वित्तीय वर्ष समाप्ति से पहले सब्सिडी मंजूर, टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत 840 करोड़ रुपये के क्लेम को स्वीकृति

सूरत। राज्य सरकार की टेक्सटाइल पॉलिसी का लाभ लेने के लिए लंबे समय से लंबित पड़ी सब्सिडी फाइलों को वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले मंजूरी देते हुए 31 मार्च को एक साथ लगभग 840 करोड़ रुपये के क्लेम स्वीकृत किए गए हैं। इस निर्णय से सूरत के टेक्सटाइल उद्योग में राहत और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार टेक्सटाइल उद्योग को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा टेक्सटाइल पॉलिसी लागू की गई है, जिसके तहत उद्योगकारों को प्लांट एवं मशीनरी के लिए ली गई लोन राशि पर पांच से सात प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके अलावा बिजली खपत पर प्रति यूनिट राहत तथा महिलाओं के नाम पर स्थापित यूनिटों को विशेष प्रोत्साहन देने का भी प्रावधान है।
सूरत के बड़ी संख्या में टेक्सटाइल उद्योगकारों ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किए थे, लेकिन विभिन्न तकनीकी कारणों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते सब्सिडी मंजूरी में लगातार देरी हो रही थी। उद्योगकारों द्वारा समय-समय पर यह शिकायत भी उठाई जाती रही कि छोटे-छोटे आपत्तियों के कारण अधिकारियों द्वारा फाइलें लंबित रखी जाती हैं। कई मामलों में तो छह वर्ष से अधिक समय से फाइलें स्वीकृति की प्रतीक्षा में थीं।
बताया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष का हिसाब पूरा करने के उद्देश्य से 31 मार्च को लंबित फाइलों की समीक्षा कर कुल 840 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी गई। लंबे समय से पेंडिंग टेक्सटाइल पॉलिसी क्लेम को स्वीकृति मिलने से उद्योगकारों को बड़ी राहत मिली है। नकदी संकट से जूझ रहे टेक्सटाइल उद्योग के लिए यह सब्सिडी किसी बूस्टर डोज से कम नहीं होगी तथा शेष लंबित दावों को भी शीघ्र मंजूरी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।




