चुनावी लाभ के लिए राज्य सरकार का त्वरित फैसला, 15 दिन में तापी नदी में दौड़ेगी वॉटर मेट्रो

सूरत। सूरत में मेट्रो ट्रेन शुरू होने से पहले ही अब तापी नदी में वॉटर मेट्रो चलाने की तैयारी तेज कर दी गई है। राज्य सरकार ने चुनावी माहौल को देखते हुए इस परियोजना को त्वरित गति देने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि आगामी 15 दिनों के भीतर सूरत में वॉटर मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाएगी, जबकि इसकी आधिकारिक घोषणा 1 अप्रैल को किए जाने की संभावना है।
मूल योजना के अनुसार तापी नदी पर रूंढ़ के पास बैराज बनने के बाद वॉटर मेट्रो शुरू की जानी थी, लेकिन बैराज निर्माण में देरी होने के कारण फिलहाल सिंगणपोर स्थित मौजूदा वियर-कम-कॉजवे से लेकर कामरेज के गायपगला तक वॉटर मेट्रो सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस पहले चरण में लगभग 27 किलोमीटर लंबे तापी नदी के हिस्से में वॉटर मेट्रो संचालित होगी। बाद में रूंढ़ बैराज बनने के बाद इस सेवा को आगे तक विस्तारित किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सूरत महानगरपालिका की टीम पहले ही कोच्चि जाकर वहां संचालित वॉटर मेट्रो परियोजना का अध्ययन कर चुकी है। उसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए सूरत में भी वॉटर मेट्रो शुरू करने की योजना बनाई गई है। नगर निगम चुनाव निकट होने के कारण इस परियोजना को अधूरी संरचना के साथ भी जल्द शुरू करने की तैयारी की गई है, ताकि इसका लाभ चुनाव में मिल सके।
अस्थायी स्टेशनों से होगी शुरुआत
सामान्य तौर पर वॉटर मेट्रो के लिए फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म यानी पानी के स्तर के अनुसार ऊपर-नीचे होने वाले आधुनिक स्टेशनों का निर्माण किया जाता है, लेकिन सूरत में अभी ऐसे स्टेशनों का निर्माण नहीं हुआ है। इसलिए प्रारंभिक चरण में तापी नदी किनारे मौजूद ओवाराओं (घाटों) को ही अस्थायी स्टेशन के रूप में उपयोग किया जाएगा।
इसके अलावा, वॉटर मेट्रो में आमतौर पर ऑटोमैटिक टिकटिंग सिस्टम होता है, लेकिन फिलहाल जल्द शुरुआत के लिए मैन्युअल टिकटिंग प्रणाली अपनाई जाएगी। 1 अप्रैल से टिकट बुकिंग भी शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
इस घोषणा को लेकर शहर में चर्चाओं का माहौल है और लोगों में वॉटर मेट्रो सेवा को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। यदि योजना तय समय पर लागू होती है तो सूरत देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां सड़क और रेल के साथ जल परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।




