
सूरत। दक्षिण गुजरात के उद्योग जगत की मातृसंस्था मानी जाने वाली द सदर्न गुजरात चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की वर्ष 2026-27 की मैनेजिंग कमिटी चुनाव को लेकर इस बार जबरदस्त मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं। कुल 72 सीटों के लिए 164 उम्मीदवारों द्वारा नामांकन दाखिल किए जाने से स्पष्ट हो गया है कि इस वर्ष पारंपरिक सर्वसम्मति की बजाय मतदान के जरिए ही नए पदाधिकारियों का चयन होगा।
सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा लाइफ कैटेगरी में देखने को मिल रही है, जहां 44 सीटों के मुकाबले अब तक 131 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र भरे हैं। पेट्रन कैटेगरी की 4 सीटों के लिए 11 नामांकन दाखिल हुए हैं, जबकि गोल्ड कैटेगरी की 4 सीटों पर 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं चीफ पेट्रन श्रेणी की 10 सीटों के लिए 10 ही फॉर्म भरने से सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना बन गई है। प्लैटिनम श्रेणी की सीट भी निर्विरोध रहने की संभावना जताई जा रही है। रीजनल कैटेगरी की 6 सीटों के लिए मात्र 4 नामांकन प्राप्त हुए हैं।
इस बार चेंबर की राजनीति में वर्षों से चली आ रही आपसी सहमति की परंपरा लगभग समाप्त होती नजर आ रही है। उद्योग जगत में सुरती, सौराष्ट्रवासी और अन्य प्रदेशों से जुड़े उद्यमियों के बीच बढ़ती समूहबंदी खुलकर सामने आई है। इसी आंतरिक खींचतान के चलते उम्मीदवारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, जिससे आगामी दिनों में चुनावी माहौल और अधिक गरमाने की संभावना है।
चुनाव प्रक्रिया के तहत 1 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी, 11 अप्रैल नाम वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है, जबकि 26 अप्रैल को मतदान के साथ चुनावी मुकाबले का अंतिम फैसला होगा। उद्योग जगत की निगाहें अब इस चुनाव पर टिक गई हैं, जिसे चेंबर की भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।



