महिला काव्य मंच ने काव्यमय अंदाज में मनाया गणगौर उत्सव

सूरत: महिला काव्य मंच (मंच मन से मंच तक) की मासिक काव्य गोष्ठी 17 मार्च 2026 को सुमन लता शर्मा के निवास पर हर्षोल्लास के साथ आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ समवेत स्वर में माँ वीणा पारिणी की आराधना से हुआ। इसके बाद सभी सदस्यों ने गणगौर की सामूहिक पूजा की और राजस्थानी गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
गोष्ठी में कवयित्रियों ने अपनी-अपनी रचनाओं के माध्यम से विभिन्न भावों को अभिव्यक्त किया। रश्मि दाधीच ने “सुनो सखी तुम्हें खत लिखा है” के जरिए जीवन दर्शन प्रस्तुत किया। सुमन लता शर्मा ने बेटी की विदाई के मार्मिक भावों को शब्द दिए, वहीं शकुन डागा ने मधुर स्वर में गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कुलदीप कौर ने एक लड़की के जीवन के विभिन्न पड़ावों को दर्शाया। मंच की अध्यक्षा पूनम गुजरानी ने नदी की उपमा के माध्यम से नारी जीवन का सुंदर चित्रण किया। प्रतिमा बोथरा ने जीवन में त्योहारों के महत्व को बताया, जबकि सचिव रजनी जैन ने परिधान के महत्व को अपनी कविता में उकेरा।
मंजू मित्तल ने ‘उड़न परी’ पी.टी. ऊषा के उदाहरण से असंभव को संभव बनाने का संदेश दिया। रंजना बोकड़िया ने बेटियों के भावों को शब्दों में पिरोया। उपाध्यक्षा निम्मी गुप्ता ने पति-पत्नी संबंधों को हास्य शैली में प्रस्तुत किया। अलका सांखला ने बेटी की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला, वहीं कंचन हेमनानी ने गणगौर के संदर्भ में एक सैनिक की पत्नी के इंतजार को भावपूर्ण तरीके से व्यक्त किया।
छाया खंडेलवाल ने “कलम में स्याही भर तो ली है” के माध्यम से भावों और शब्दों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। रुचि हर्ष ने जीवन की जटिलताओं को सहजता से जीने का संदेश दिया। अंत में अंजना लाहौटी ने गणगौर का बधावा गीत गाकर कार्यक्रम को पूर्णता प्रदान की।
इस अवसर पर कई श्रोता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने साहित्य, संस्कृति और परंपरा का सुंदर संगम प्रस्तुत किया



