
सूरत: भारत सरकार के टेक्सटाइल मंत्रालय के अंतर्गत टेक्सटाइल्स कमिटी द्वारा द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से 16 मार्च 2026 को सरसाणा स्थित सूरत इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में टेक्सटाइल एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर (TEFC) को लेकर रोड शो एवं स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन मीटिंग आयोजित की गई।
कार्यक्रम में टेक्सटाइल्स कमिटी के डायरेक्टर जे.डी. बर्मन ने स्वागत भाषण देते हुए सूरत को देश का प्रमुख टेक्सटाइल हब बताया। उन्होंने कहा कि मैनमेड फाइबर, वीविंग, प्रोसेसिंग और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग में सूरत की मजबूत पहचान है, जो इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है।
टेक्सटाइल्स कमिटी के सचिव कार्तिकेय धंधा ने TEFC के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह सेंटर एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने और निर्यातकों को मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से एक्सपोर्ट प्रक्रिया, डॉक्यूमेंटेशन, सर्टिफिकेशन, नियामकीय अनुपालन और मार्केट इंटेलिजेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेष रूप से MSME इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियम समझने और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जॉइंट डायरेक्टर आर. चंद्रन ने विस्तृत प्रेजेंटेशन में बताया कि यह सेंटर सिंगल विंडो गाइडेंस प्रदान करेगा और नए उद्यमियों को एक्सपोर्टर बनने में सहयोग करेगा। साथ ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के प्रति जागरूकता और नीतिगत सुझावों में भी मदद करेगा।
चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि सूरत के एक्सपोर्टर्स को संस्थागत समर्थन मजबूत करने की आवश्यकता है, क्योंकि शहर देश की टेक्सटाइल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
मुख्य अतिथि टेक्सटाइल कमिश्नर वृंदा देसाई (IRS) ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत करने के लिए ऐसे सेंटर बेहद जरूरी हैं। यह सेंटर एक्सपोर्टर्स को जटिल अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मार्गदर्शन देने का प्रभावी मंच बनेगा।
कार्यक्रम में उद्योगपतियों और एक्सपोर्टर्स ने इंटरैक्टिव सत्र में अपने सुझाव भी साझा किए। अंत में असिस्टेंट डायरेक्टर बी.के. शुक्ला ने सभी का आभार व्यक्त किया।




