
सूरत। द साउदर्न गुजरात चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के जीएफआरआरसी (ग्लोबल फैब्रिक रिसोर्स एंड रिसर्च सेंटर) द्वारा 1 से 8 दिसंबर 2025 तक नानपुरा स्थित समृद्धि में प्रतिदिन शाम 5:30 बजे आयोजित टेक्सटाइल पर्व 2.0 के छठे दिन “भारत की टेक्सटाइल नीति का भविष्य और वैश्विक मूल्य शृंखला में सूरत की भूमिका” विषय पर विशेष विचार-विमर्श का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में चेम्बर की टेक्सटाइल टास्क फोर्स के सलाहकार तथा भारत सरकार के पूर्व टेक्सटाइल कमिश्नर एस.पी. वर्मा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में चेम्बर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि वर्मा साहब टेक्सटाइल उद्योग के गहन जानकार हैं और चेम्बर ने उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि नवाचार के लिए उद्योग जगत को आजीवन विद्यार्थी बनकर रहना चाहिए।
एस.पी. वर्मा ने भारत की बदलती टेक्सटाइल नीति, वैश्विक व्यापार अवसरों, मैन–मेड फाइबर (MMF) मूल्य श्रृंखला की चुनौतियों और विश्व बाजार में सूरत की मजबूत संभावनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल नीति 2024 में सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और निवेश पर विशेष जोर दिया गया है तथा स्मार्ट और टेक्निकल टेक्सटाइल भविष्य की मांग हैं।
उन्होंने कहा कि 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित होने जा रहे हैं, जो भारतीय टेक्सटाइल, विशेषकर सूरत के लिए अभूतपूर्व अवसर लेकर आएंगे। उन्होंने उद्योग जगत को अभी से तैयारी शुरू करने की सलाह देते हुए कहा कि विश्व में सिंथेटिक फैब्रिक की मांग तेजी से बढ़ रही है और सूरत इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। वर्मा ने युवा पीढ़ी को गारमेंट सेक्टर से जोड़ने की आवश्यकता भी बताई।
उन्होंने पर्यावरणीय चुनौतियों, कुशल कारीगरों की कमी तथा चीन से प्रतिस्पर्धा का उल्लेख करते हुए कहा कि सूरत को एक समर्पित टेक्सटाइल मशीनरी पार्क की तत्काल आवश्यकता है। पीएलआई योजना में उपलब्ध प्रोत्साहनों की भी जानकारी दी गई और उद्यमियों के प्रश्नों के उत्तर दिए।कार्यक्रम का संचालन जीएफआरआरसी के को-चेयरमैन अमरीश भट्ट ने किया, जबकि पूर्व अध्यक्ष एवं टेक्सटाइल टास्क फोर्स के चेयरमैन आशीष गुजरात ने मुख्य वक्ता का परिचय कराया। अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए सत्र का समापन किया गया।




