फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटरों को बड़ी राहत, FSSAI ने किए ऐतिहासिक सुधार

नई दिल्ली। फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) ने फ़ूड बिज़नेस से जुड़े व्यापारियों के लिए नियमों को सरल बनाते हुए कई महत्वपूर्ण रेगुलेटरी सुधारों की घोषणा की है। इन सुधारों का उद्देश्य व्यापारियों के लिए कम्प्लायंस का बोझ कम करना और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ को बढ़ावा देना है।
कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की लगातार मांग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ नीति के अनुरूप यह कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के मार्गदर्शन में किए गए इन सुधारों से देशभर के फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटरों, छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नए नियमों के तहत अब FSSAI रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की वैलिडिटी हमेशा के लिए कर दी गई है। पहले व्यापारियों को समय-समय पर लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराना पड़ता था, जिससे कागजी प्रक्रिया और खर्च बढ़ जाता था। इस फैसले से अब बार-बार नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं रहेगी।
इसके साथ ही FSSAI के बेसिक रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर की सीमा 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इससे छोटे और मध्यम स्तर के फूड कारोबारियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
लाइसेंसिंग सिस्टम में भी बदलाव करते हुए इसे अधिक व्यवस्थित बनाया गया है। अब 50 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए स्टेट लाइसेंस अनिवार्य होगा, जबकि 50 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए सेंट्रल लाइसेंस आवश्यक होगा।
स्ट्रीट फूड वेंडर्स को भी बड़ी राहत दी गई है। ‘स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014’ के तहत नगर पालिका, महानगरपालिका या टाउन वेंडिंग कमेटी में पंजीकृत लॉरी-गल्ला धारकों को अब स्वतः ही FSSAI के साथ पंजीकृत माना जाएगा।
इसके अलावा अब टेक्नोलॉजी आधारित रिस्क-बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसमें फूड प्रोडक्ट के प्रकार, पिछले कम्प्लायंस रिकॉर्ड, थर्ड पार्टी ऑडिट और मॉनिटरिंग से प्राप्त जानकारी के आधार पर निरीक्षण किया जाएगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों में कमी आएगी और नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों को राहत मिलेगी।
CAIT ने इन सुधारों को व्यापारियों के लिए ऐतिहासिक और व्यापार-हितैषी कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। संगठन का मानना है कि इससे व्यापारियों के लिए काम करना आसान होगा और उपभोक्ताओं को उच्च स्तर की खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
साथ ही फूड बिज़नेस से जुड़े सभी व्यापारियों से अपील की गई है कि वे इन नए सुधारों की जानकारी लेकर अपने व्यवसाय को उसी के अनुरूप व्यवस्थित करें।



