
नोएडा (एनसीआर)।कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स( कैट) द्वारा आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव (बीवीएम) 2026 को ऐतिहासिक सफलता दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक 26 फरवरी की संध्या से 27 फरवरी की संध्या तक नोएडा (एनसीआर) में आयोजित की जा रही है। बैठक में देशभर से कैट के वरिष्ठ पदाधिकारी, राष्ट्रीय बोर्ड सदस्य एवं आयोजन समिति के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
बैठक में भारतीय व्यापार महोत्सव को मिल रही अभूतपूर्व प्रतिक्रिया और अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही देश-विदेश से प्राप्त प्रदर्शकों एवं विजिटर्स के पंजीकरण, प्रदर्शनी के विस्तार, एमएसएमई, टेक्सटाइल, गारमेंट सहित विभिन्न उद्योग क्षेत्रों की भागीदारी तथा आगामी प्रचार-प्रसार अभियान की रणनीति पर चर्चा होगी। प्रिंट मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, इंस्टाग्राम एवं सोशल मीडिया आउटरीच को लेकर भी विशेष योजना तैयार की जाएगी।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि भारतीय व्यापार महोत्सव केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि देश के लगभग 9 करोड़ व्यापारियों एवं एमएसएमई सेक्टर की सामूहिक शक्ति का राष्ट्रीय मंच है। देशभर से मिल रहा उत्साह इस बात का संकेत है कि भारतीय व्यापारी वर्ग परिवर्तन, नवाचार और वैश्विक व्यापार अवसरों के लिए तैयार है। उन्होंने सभी बोर्ड सदस्यों से समय पर बैठक में भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
भारतीय व्यापार महोत्सव के राष्ट्रीय चेयरमैन (टेक्सटाइल एवं गारमेंट समिति) एवं टेक्सटाइल स्ट्रेटेजिक इनिशिएटिव्स सलाहकार चम्पालाल बोथरा ने कहा कि यह महोत्सव भारत के व्यापारिक इतिहास में नया अध्याय लिख रहा है। टेक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया उत्साहजनक है। यह मंच “फैब्रिक से फैशन” और “लोकल से ग्लोबल” की सोच को आगे बढ़ाते हुए भारतीय व्यापार को नई गति प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में अब तक की गतिविधियों की समग्र समीक्षा कर भविष्य की रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से महोत्सव की पहुँच तेजी से युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स तक बढ़ रही है।बैठक में भाग लेने एवं तैयारियों की समीक्षा हेतु चम्पालाल बोथरा नोएडा/दिल्ली के लिए प्रस्थान कर चुके हैं, जहाँ वे रणनीतिक चर्चाओं में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।




